बेल मिलने के बाद सोमवार (15 जून, 2026) को जेल से बाहर आए रौशन आनंद (Raushan Anand) ने पटना पुलिस (Patna Police) की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. रौशन आनंद ने कहा कि पटना प्रशासन इतना कमजोर कैसे हो गया? हमको घटना के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन पटना पुलिस जो है 72 घंटे के बाद भी फैसल खान (खान सर) को गिरफ्तार नहीं किया.
'फैसल खान को नेताओं का संरक्षण प्राप्त'
रौशन आनंद ने मीडिया से कहा कि फैसल खान को कुछ नेताओं का संरक्षण प्राप्त है. फैसल खान का नार्को टेस्ट होना चाहिए. पटना पुलिस फैसल खान के हाथों बिक चुकी है. कदमकुआं थाने में फैसल खान ने मेरी गिरफ्तारी के लिए करोड़ों रुपया बहाया है.
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आगे रौशन आनंद ने कहा, "जब तक मैं अपने भाई को न्याय नहीं दिला देता मैं घर नहीं जाऊंगा." बता दें कि रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई है. सहरसा में उनका अंतिम संस्कार होना है. माना जा रहा था कि जेल से निकलने के बाद सीधे रौशन आनंद गांव जाएंगे लेकिन उन्होंने साफ कहा है कि वे पहले अपने भाई के लिए न्याय चाहते हैं.
'गार्ड से जबरदस्ती लिया गया बयान'
उक्त बयान देने के बाद रौशन सर पटना स्थित अपने कोचिंग सेंटर पहुंचे. यहां फिर उन्होंने मीडिया के सामने अपनी पूरी बात रखी. रौशन आनंद ने कहा कि फैसल खान झूठा है. जो गार्ड था उससे जबरदस्ती बयान लिया गया है. वो जो गार्ड था वो कोचिंग का गार्ड था और हम भी पैसा देते थे. उन्होंने आगे कहा, "याद कीजिए बीपीएससी आंदोलन... उस वक्त फैसल खान ने कहा था कि मेरे पास सबूत है लेकिन सबूत नहीं दिया… इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि फैसल खान कितना झूठा है."
'सीबीआई से कराई जाए हत्या की जांच'
रौशन आनंद ने कहा कि सरकार से दो मांग है. हमारे भाई की हत्या की जांच सीबीआई से कराई जाए और दोबारा पोस्टमार्टम हो. रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि फैसल खान ने रूम मालिक के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा है. कई शिक्षकों को उसने बर्बाद किया है. मुझे अपने भाई के अंतिम संस्कार में जाना है. हिम्मत के साथ लड़ाई लड़ूंगा. मीडिया से कहा कि आप सभी भाई मेरा सहयोग करें.
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