मशहूर कोचिंग शिक्षक एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गये है. दरअसल, 2 जून मंगलवार की रात्रि में खान सर के कोचिंग के पर मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई. दूसरे दिन पुलिस में इस मामले में ज्ञान विंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद गिरफ्तार किया. तो एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें खान सर के दो गार्ड्स फायरिंग करते नजर आए. पुलिस ने बाद में उन दोनों गार्ड्स को भी गिरफ्तार किया और खान सर के खिलाफ भी गैर वारंटी FIR दर्ज हुए हैं.
घटना के तीन दिन हो गए लगातार छात्रों का भी प्रदर्शन हो रहा है. लेकिन पुलिस खान सर को अभी तक गिरफ्तार नहीं की है. आइए जानते हैं खान सर के अर्श से फर्श तक की पूरी कहानी.
देवरिया के फैसल खान कैसे बने पटना के 'खान सर'?
32 वर्षीय खान सर जिनका पूरा नाम फैसल खान है. वह अभी के समय में पटना और बिहार ही नहीं पूरे देश के शिक्षा जगत में चर्चित शिक्षक के रूप में पहचान रखते हैं और पूरे देश के युवाओं में के दिल पर राज करते हैं. उसकी बड़ी वजह है कि उनके पढ़ने का ढंग और यूट्यूब के जरिए छात्रों को समझने के तरीके से युवा उनके चहेते बने हुए हैं. ऐसा माना जाता है कि खान सर के यूट्यूब चैनल से कई युवाओं का सपना साकार भी हुआ है. खान सर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला स्थित भाटपार रानी नगर पंचायत के वार्ड संख्या 1 के रहने वाले हैं. उनका जन्म इसी जगह 12 दिसम्बर 1993 को एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था.उनके पिता मामूली ठेकेदार और उनकी माँ एक गृहिणी रही थीं.
टूट गया था आर्मी में जाने का सपना
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भाटपर रानी से पूरी की और बाद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन किया, जहाँ उन्होंने विज्ञान स्नातक और भूगोल में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. खान सर बचपन से ही भारतीय सेना में जाना चाहते थे, लेकिन शारीरिक और मेडिकल टेस्ट में असफल रहने के कारण उनका यह सपना टूट गया राखी उनका एक भाई सेवा में कमांडो भी है. सेना में जाने का अवसर न मिलने के बाद, उन्होंने ज्ञान बांटने और पढ़ाने को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया. और 2010 में वह देवरिया छोड़कर पटना आ गए. पटना में भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा.उस उन्होंने खुद भी पढ़ाई किया और घर-घर जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया शुरुआती दिनों में वह घर-घर जाकर भी पढ़ाते थे और उनकी एक दिन की कमाई मात्र 40 थी. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी वर्तमान समय में खान सर की कर 40 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं.
पटना का संघर्ष
पटना में खान सर ने घर-घर ट्यूशन के साथ-साथ दूसरे के नीचे कोचिंग में ही पढ़ना शुरू किया. उसके बाद फिर वह अपना खान ग्लोबल स्टडीज नाम से कोचिंग सेंटर खोला. शुरुआती दिनों में उनकी कोचिंग ज्यादा नहीं चलती थी बहुत कम छात्र आते थे .लेकिन उनकी किस्मत 2019-20 के लॉकडाउन से बदल गई.लॉकडाउन में सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे .उस समय, एक श्वेत पट के साथ उन्होंने खान जी. एस. रिसर्च सेंटर नाम से अपना यू-ट्यूब चैनल शुरू किया और यू-ट्यूब पर वीडियो अपलोड करना और ऑनलाइन पढ़ाना शुरू किया .अपना यू-ट्यूब चैनल शुरू करने के तुरंत बाद उन्हें शिक्षण के अपने अनूठे तरीके और कठिन विषयों को आसान और दिलचस्प बनाने के कारण बिहार ही नहीं पूरे देश में उनकी पहचान बन गई .
उन्होंने 2021 में एक ऐप भी लॉन्च किया और जो छात्र शहर नही आ पा रहे थे उन छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यक्रम की पेशकश शुरू की. लॉकडाउन में घर बैठे खान सर से लोगों को शिक्षा मिलती रही और उस वक्त से खान पर काफी चर्चित हो गए. लॉक डाउन खत्म होने के बाद उनके कोचिंग पर भीड़ लगने लगी और देखते-देखते खान सर बिहार ही नहीं पूरे देश के एक नामी ग्रामी शिक्षक बन गए और उनकी अच्छी खासी कमाई होने लगी.
विवादों से रहा है नाता
जैसे-जैसे खान सर चर्चित होते गए तो विवादों से भी उनका नाता बढ़ता रहा और विवादों में बहुत ज्यादा चर्चा में आए.अप्रैल 2021 में, खान द्वारा फ्रांस-पाकिस्तान संबंधों पर बनाए गए एक वीडियो की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई.जनवरी 2022 में, रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में खान सहित कई कोचिंग संस्थान शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. उस समय खान सर काफी चर्चा में थे क्योंकि छात्रों को भड़काने का उनका वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वह कह रहे थे की हक के लिए लड़ना जरूरी है.दिसंबर 2024 में, उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षा में बदलाव से संबंधित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.
दरअसल उस समय काफी बड़े-बड़े कोचिंग फिल्म शिक्षक छात्रों के समर्थन में आ गए थे मजबूरन खान सर को भी आना पर गया था. इतना ही नहींजून 2025 में, खान सर ने पटना में अपने विवाह समारोह के दौरान अपनी पत्नी द्वारा घूंघट पहनने को लेकर हुई आलोचना का जवाब दिया.समारोह की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए थे.
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