जेडीयू नेता केसी त्यागी ने साफ किया कि राज्यसभा सीटों को लेकर उनके मन में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है. उन्होंने कहा कि सवाल ही पैदा नहीं होता है. एक भी उदाहरण नहीं है कि राज्यसभा टिकट के लिए प्रयास किया हो. उन्होंने कहा कि 2013 में भी नीतीश कुमार ने मुझे घर से बुलाकर टिकट दिया था.

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केसी त्यागी ने कहा, ''मैं जेडीयू का संस्थापक हूं. जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव, नीतीश कुमार, मैंने और दिग्विजय सिंह ने मिलकर जेडीयू बनाई थी, तब से मैं इसका सदस्य हूं. लेकिन इस बार के सदस्यता अभियान में मैंने हिस्सा नहीं लिया. मेरे रिश्ते नीतीश कुमार से और बिहार जेडीयू से जस के तस बने रहेंगे.''

22 मार्च को समर्थकों के साथ होगी बैठक- केसी त्यागी

उन्होंने आगे कहा, ''22 मार्च को मेरे समर्थकों और साथियों ने विट्ठल भाई पटेल हाउस में एक मीटिंग रखी है. जिसमें फ्यूचर कोर्स ऑफ एक्शन तय किया जाएगा. कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर केसी त्यागी ने कहा, ''कांग्रेस पार्टी अपने अवसान पर है. गलत नेतृत्व और गलत रणनीति के चलते ये हर दिन रसातल की तरफ जा रहा है.'' 

केसी त्यागी का जेडीयू से किनारा

जेडीयू के सीनियर नेता केसी त्यागी ने पार्टी से किनारा कर लिया है. इस बारे में मंगलवार (17 मार्च) को खुद ही पत्र जारी कर जानकारी दी थी.  मीडिया से बातचीत में केसी त्यागी ने कहा था कि 50 साल हम साथ रहे हैं. उन्होंने कहा, ''इस बार जब पार्टी का सदस्यता अभियान चला है तो उसमें मैंने अपनी मेंबरशिप रिन्यू नहीं कराई लेकिन रिश्ते ज्यों के त्यों बने हैं. रिश्ता कुछ भी नहीं बिगड़ा है. समाजवादी आंदोलन के अंतिम नेता नीतीश कुमार बचे थे जो अब बिहार की राजनीति से दिल्ली जा रहे हैं. मेरी जेडीयू में सक्रिय भूमिका कम बची है. मैं यूपी में सियासी जमीन तलाश रहा हूं." 

(खबर को अपडेट किया जा रहा है...)