कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम को लेकर दिए गए बयान पर देश की सियासत गरमा गई है. बिहार के वरिष्ठ बीजेपी नेता और मंत्री विजय सिन्हा ने रायरेड्डी के बयान पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए सोमवार (31 अगस्त, 2026) को तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इस्लाम पर कोई बोलने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन सनातन को लेकर हर कोई बयान देने लगता है.

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विजय सिन्हा ने कहा कि सनातन की उदारता के कारण लोग उसके खिलाफ कुछ भी बोल देते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन के खिलाफ जहर उगलकर सामाजिक समरसता को खत्म करने की कोशिश की जाती है. उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है. विजय सिन्हा ने कहा कि ऐसी मानसिकता देश को कमजोर करती है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन को तोड़ने की कोशिश करने वालों का समर्थन करते हैं.

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कर्नाटक के मंत्री ने इस्लाम को बताया था 'श्रेष्ठ'

दरअसल, कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने कोप्पल जिले के कुकनूर में मुस्लिम समुदाय के सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने इस्लाम को अन्य धर्मों से 'श्रेष्ठ' और 'बेहतर' बताया. रायरेड्डी ने सार्वजनिक मंच से मक्का जाने की अपनी इच्छा भी जाहिर की. उन्होंने कहा कि गैर-मुस्लिम होने के कारण वह वहां नहीं जा सकते, क्योंकि मक्का जाने के लिए इस्लाम अपनाना पड़ता है. उनके बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और कर्नाटक सरकार पर हमला तेज कर दिया है.

आरक्षण पर भी विजय सिन्हा ने नेताओं को घेरा

आरक्षण के मुद्दे पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच विजय सिन्हा ने जाति की राजनीति को लेकर भी नेताओं को घेरा. उन्होंने कहा कि जाति के जहर में बंटकर देश पहले गुलाम हुआ और अब आजादी के 80 साल बाद भी उसी तरह की राजनीति की जा रही है. उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की थी, लेकिन अब नेताओं को यह सोचना चाहिए कि वे अपने समाज और पूरे राज्य के विकास के लिए क्या कर रहे हैं.

'नेता किसी एक जाति से नहीं, पूरे समाज से बनता है'

विजय सिन्हा ने कहा कि कोई भी नेता केवल एक जाति के लोगों के समर्थन से नहीं बनता. समाज के सभी वर्गों के लोग किसी नेता को आगे बढ़ाते हैं. इसलिए नेताओं को ऐसी राजनीति करनी चाहिए जिससे राज्य का विकास हो और हर वर्ग का साथ मिले. कर्नाटक मंत्री के बयान और आरक्षण के मुद्दे को लेकर बीजेपी नेताओं के हमले के बाद सियासी पारा बढ़ गया है. अब देखना होगा कि बसवराज रायरेड्डी के बयान पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और यह विवाद आगे कितना बढ़ता है.

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