बिहार बाढ़ के बीच बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने की मांग ने नई बहस छेड़ दी है. वहीं बख्तियारपुर का नाम बदलने के बीच जनता दल यूनाइटेड यानी JDU के नाम को लेकर भी नया विवाद शुरू हो गया है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने JDU का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' करने की मांग रखी है. उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से इसका आग्रह किया है.

Continues below advertisement

संजय झा ने खगड़िया में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार के योगदान का जिक्र करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और पार्टी के उत्थान के लिए नीतीश कुमार ने पूरी ताकत और मनोयोग से काम किया है. उनके योगदान को सम्मान देने के लिए पार्टी के नाम में उनका नाम होना चाहिए.

यह भी पढ़ें- लालू परिवार को बड़ा झटका, IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में 9 पर आरोप तय

Continues below advertisement

बख्तियारपुर के बाद पार्टी के नाम की चर्चा

संजय झा का यह बयान ऐसे समय आया है जब बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने की मांग भी सियासी चर्चा में है. एक दिन पहले बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम 'नीतीशपुर' करने की मांग उठाई थी. अब JDU के नाम को लेकर संजय झा की मांग ने इस बहस को और हवा दे दी है.

फरक्का संधि पर भी उठाई आवाज

पत्रकारों से बातचीत में संजय झा ने फरक्का जल संधि को लेकर भी बिहार का पक्ष मजबूती से रखने की बात कही. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के साथ गंगाजल बंटवारे के समझौते में बिहार के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बिहार की वर्ष 2050 तक की जल जरूरतों का आकलन कर हिस्सेदारी तय करने की मांग की.

बोले- 30 साल से बिहार के साथ अन्याय

संजय झा ने कहा कि फरक्का बराज और गंगा में बढ़ती गाद के कारण जलग्रहण क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे बाढ़ की समस्या गंभीर हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 30 वर्षों से बिहार के साथ अन्याय हो रहा है. झा ने कहा कि बिहार अब इस अन्याय को आगे नहीं सहेगा और JDU इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी.

यह भी पढ़ें- बख्तियारपुर पर JDU की पहली प्रतिक्रिया, 'नाम बदलने से...'