बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेता संजय कुमार झा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की. यह मुलाकात इस वजह से चर्चा का विषय बन गई, क्योंकि जनता यह जानने को उत्सुक है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद अब उनकी पार्टी से कितने मंत्री बनेंगे. इस मुलाकात में क्या बात हुई, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष ने खुद जानकारी दी है.

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बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले संजय कुमार झा ने कहा, "हम लोग लंबे समय से बिहार में भी साथ काम करते रहे हैं. नितिन नवीन साल 2006 में ही विधायक बन गए थे, हमने साथ खूब काम किया है. यह केवल सामान्य वार्ता थी, इसमें कोई राजनीतिक एंगल नहीं था. हम जब भी मिलते हैं तो बातचीत होती है और खासकर बिहार की चर्चा तो होती ही है. हालांकि, यह एक सामान्य वार्ता थी. मंत्रिमंडल पर कोई चर्चा नहीं हुई."

एनकाउंटर पर क्या बोले संजय कुमार झा

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वहीं, सिवान एनकाउंटर पर भी संजय कुमार झा ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में किसी भी अपराधी को पनाह नहीं मिलेगी. या तो ये अपराधी बिहार छोड़ दें या फिर अपराध करना छोड़ दें. अगर वह राज्य में क्राइम करने की सोचेंगे तो उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, जब संजय झा से सवाल किया गया कि गोली का जवाब गोली से... क्या बिहार में अपराधियों से निपटने का नया ट्रेंड शुरू हुआ है? इसपर उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार जब सीएम बने, 24 नवंबर 2005 को शपथ की. उससे पहले उन्होंने कहा कि उनकी केवल एक प्राथमिकता है, बिहार में कानून का राज स्थापित करना."

संजय कुमार झा ने आगे कहा, "नीतीश कुमार ने इसपर पूरा काम भी किया. बिहार में आज भी सबसे बड़ा मुद्दा पलायन का है. हम लोगों ने बहुत काम किया और पलायन रोका भी है. बिहार की जनता चाहती है कि यहां निवेश हों, बड़ी कंपनिया आएं. अब जिस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया, कोई भी निवेशक चाहेगा कि वह यहां आए तो कानून व्यवस्था अच्छी हो. यह जिम्मेदारी सरकार की है."

संजय झा ने दो टूक कहा, "सरकार की तरफ से और अपनी पार्टी की ओर से यह कह सकता हूं कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है. बिहार में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. उसके लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा करेंगे. ऐसे अपराधियों को सरकार की तरफ से कोई भी पॉलिटिकल प्रोटेक्शन नहीं मिलेगा. या तो ये अपराधी बिहार छोड़ दें, लेकिन अगर यहां क्राइम करने की सोचेगा तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी."