जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि हाल में हुए विधान परिषद और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों के नतीजों से कांग्रेस को अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए. राजीव रंजन ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर भी सवाल उठाए.

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राजीव रंजन ने कहा कि कांग्रेस लगातार ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग करती रही है. ऐसे में हालिया चुनाव परिणामों पर उसे जवाब देना चाहिए. कहा कि चार राज्यों में हुए विधान परिषद और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में कांग्रेस को नागपुर स्नातक सीट के अलावा कहीं बड़ी सफलता नहीं मिली. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद चार सीटें भाजपा और जेडीएस ने जीतीं. उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला. बिहार में पार्टी को नुकसान हुआ.

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राहुल गांधी से रणनीति बदलने की अपील

जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव परिणाम कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े करते हैं. उन्होंने राहुल गांधी से आत्ममंथन करने और पार्टी की मौजूदा स्थिति पर विचार करने की अपील की. राजीव ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी रणनीति मजबूत करनी चाहिए. 

यूपी चुनाव परिणाम को NDA के लिए अवसर बताया

उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों के नतीजों पर राजीव रंजन ने कहा कि भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी दलों को इन नतीजों का सकारात्मक विश्लेषण करना चाहिए. उनके मुताबिक, इससे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को नई ऊर्जा मिल सकती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि एनडीए इस स्थिति को अवसर में बदलकर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर सरकार बनाने की दिशा में काम करेगा.

INDIA गठबंधन की रैली और CEC पर भी साधा निशाना

INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली पर राजीव रंजन ने कहा कि उसके आरोप तथ्यों से परे हैं. उन्होंने रैली की सफलता पर भी सवाल उठाए. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि फिर सड़क पर प्रदर्शन की जरूरत क्यों है. उन्होंने विपक्ष से संसद और न्यायिक प्रक्रिया में अपने भरोसे को स्पष्ट करने की बात कही.

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