बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी और एनडीए प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने सख्त कार्रवाई की है. पार्टी ने अनुशासनहीनता और भितरघात के आरोप में 12 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इन निष्कासित नेताओं में पूर्व विधायक से लेकर जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं.

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निष्कासित किए गए नेताओं में पूर्व विधायक अशोक सिंह (औरंगाबाद), जदयू नेता संजीव कुमार सिंह (औरंगाबाद), प्रमोद सदा (सहरसा), संजय कुशवाहा और कमला कुशवाहा (सिवान), जहानाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा उर्फ शशिभूषण कुमार, महेंद्र सिंह, गुलाम मुर्तजा अंसारी, अमित कुमार पम्मू, दरभंगा के जदयू नेता अवधेश लाल देव और गया जिले के कोच प्रखंड अध्यक्ष जमीलउर रहमान के नाम शामिल हैं.

समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव के दौरान अंदरूनी विरोध और पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों की जांच के लिए पार्टी ने तीन सदस्य समिति का गठन किया था. समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी, जिसमें इन नेताओं की भूमिका संदिग्ध पाई गई.

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12 नेताओं को छह वर्षों के लिए किया निष्कासित

समिति की रिपोर्ट के आधार पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने सभी 12 नेताओं को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी किया. इस संबंध में जारी पत्र पर प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर भी हैं. 

पार्टी के भीतर इस कार्रवाई को अनुशासन मजबूत करने और भविष्य में भितरघात करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है. जदयू नेतृत्व का साफ कहना है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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