गोपालगंज: खनुआ नदी में डूबने से 2 बच्चों की मौत, दो की हालत गंभीर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
Gopalganj News: गोपालगंज में खनुआ नदी के केरवनिया घाट पर मौजूद मंदिर के पुजारी ने बच्चों को डूबता देख शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सभी को नदी से बाहर निकाला.

बिहार के गोपालगंज जिले में शनिवार (16 मई) को खनुआ नदी में स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया. ये घटना विजयीपुर थाना क्षेत्र के भरपुरवा गांव स्थित केरवनिया घाट की है. नदी में नहाने गए चार बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिससे दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए देवरिया रेफर किया गया है.
मृतकों में भरपुरवा गांव निवासी दिग्विजय मिश्रा के 11 वर्षीय पुत्र आयुष मिश्रा, घाटबंधौरा गांव निवासी राजेश पांडेय के 13 वर्षीय पुत्र ओम पांडेय शामिल थे. वहीं 15 वर्षीय चुलबुल पांडेय और 16 वर्षीय विशाल ठाकुर गंभीर रूप से घायल हैं. बताया जाता है कि चारों शनिवार को गांव के समीप स्थित केरवनिया घाट पर स्नान करने गए थे. इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे.
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा
घाट पर मौजूद मंदिर के पुजारी ने बच्चों को डूबता देख शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सभी को नदी से बाहर निकाला. सभी को तत्काल विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आयुष और ओम को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गोपालगंज भेज दिया है.
हादसे के बाद भरपुरवा गांव में पसरा सन्नाटा
खनुआ नदी के केरवनिया घाट पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद भरपुरवा गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. परिजनों के बीच कोहराम मचा है. शनिवार सुबह स्नान के दौरान नदी में डूबने से बच्चों की मौत के बाद गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. वहीं दो अन्य बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज देवरिया में चल रहा है. घटना के बाद विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर भरपुरवा गांव तक परिजनों की चीत्कार सुनाई देती रही.
मृतक आयुष मिश्रा अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था. परिवार में उसकी एक बहन है. बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां सोनम देवी बेसुध हो गईं. वह रोते-बिलखते बार-बार कह रही थीं, “अब हमनी केकरा सहारा जीएब सन....” अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं.
पुजारी के शोर पर जुटे ग्रामीण, घंटों चला बचाव कार्य
घाट पर मौजूद मंदिर के पुजारी ने बच्चों को डूबता देख शोर मचाया. इसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर बचाव कार्य शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद चारों किशोरों को बाहर निकाला गया और तत्काल विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों ने आयुष और ओम को मृत घोषित कर दिया.
दिल्ली से मामा के घर आया था ओम
हादसे में मृत ओम पांडेय मूल रूप से विजयीपुर थाने के घाट बंधौरा गांव का निवासी था, लेकिन वर्तमान में पूरे परिवार के साथ दिल्ली में रहता था. वह अपनी मां और बड़े भाई चुलबुल पांडेय के साथ कुछ दिन पहले दिल्ली से भरपुरवा गांव स्थित अपने मामा दिग्विजय मिश्रा के घर एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था. परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी. बेटे का शव देखते ही मां नीतू देवी दहाड़ मारकर रोने लगीं. परिजन किसी तरह उन्हें संभालते रहे.
रुकने का नाम नहीं ले रहे परिजनों के आंसू
घटना की सूचना मिलते ही विजयीपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गोपालगंज भेज दिया. हादसे के बाद भरपुरवा गांव सहित आसपास के इलाके में शोक की लहर है. गांव के लोग मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं, लेकिन उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं.

























