AK-47 वाले गैंगस्टर मुन्ना मिश्रा को 10 साल की सजा, 7 पुलिस अफसरों की हुई गवाही, अब आया फैसला
Gangster Munna Mishra: गोपालगंज जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-10 मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है. आठ लाख रुपये में एके-47 को खरीदा गया था.

Gopalganj Gangster Munna Mishra: एके-47 के साथ गिरफ्तार हुए गैंगस्टर मुन्ना मिश्रा को 10 साल जेल और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है. गुरुवार (13 फरवरी) को गोपालगंज जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-10 मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने यह फैसला सुनाया. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी. चार साल पुराने इस मामले में फैसला आने के बाद मुन्ना मिश्रा को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
मामले में कांड के अनुसंधानक ने 17 सितंबर 2021 को मुन्ना मिश्रा के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किया था. इसके बाद कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. एक अगस्त 2022 को कोर्ट में आरोप गठन हुआ. सुनवाई के दौरान पुलिस अवर निरीक्षक छोटन कुमार, सुमन कुमार मिश्र, सर्वेंद्र कुमार सिन्हा, अश्विनी कुमार तिवारी, वीरेंद्र कुमार सिंह, अभिषेक कुमार और राजेश कुमार सहित कुल सात पुलिस अफसरों की गवाही हुई. इसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर यह सजा सुनाई है.
23 जुलाई 2021 को पकड़ा गया था मुन्ना मिश्रा
बता दें कि गोपालगंज के तत्कालीन एसपी आनंद कुमार के निर्देश पर तत्कालीन एसडीपीओ नरेश कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ था. कटेया के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुमन कुमार मिश्र के साथ पुलिस टीम ने पकहा तीनमुहानी से एके-47, मैगजीन और 28 कारतूस के साथ मुन्ना मिश्रा उर्फ मनोज मिश्रा उर्फ दिलीप मिश्रा को गिरफ्तार किया था. मामले को लेकर तत्कालीन थानाध्यक्ष ने अपने बयान के आधार पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
गैंगस्टर अबरैन मियां से खरीदा था एके-47
जांच में यह बात सामने आई थी कि मुन्ना मिश्रा ने गिरफ्तारी से एक साल पहले मांझा थाने के प्रतापपुर गांव के रहने वाले गैंगस्टर अबरैन मियां से एके-47 आठ लाख रुपये में खरीदा था. पुलिस ने इस बात का खुलासा करते हुए कोर्ट में अपना पक्ष रखा था.
अबरैन मियां एके-47 जैसे हथियारों की तस्करी कर सप्लाई करने का काम करता था. पुलिस के अनुसार एक साल पहले 2020 में मुन्ना मिश्रा ने इस हथियार को खरीदा था. उसके बाद मई 2021 में कटेया में एक आपराधिक घटना को अंजाम दिया था जिसका सीसीटीवी फुटेज भी तत्कालीन एसपी आनंद कुमार ने जारी किया था. मुन्ना मिश्रा 30 केस में वांछित रहा है.
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