भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का शुक्रवार (30 अक्टूबर, 2026) को नोएडा में निधन हो गया. वे लंबे वक्त से बीमार थे. ब्रेन स्ट्रोक के बाद आरके सिन्हा लंबे वक्त कोमा में रहे. इसके बाद आज उनका निधन हो गया. सियासी गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है. आरके सिन्हा ने करीब 75 साल की उम्र में आखिरी सांस ली.
आरके सिंह जनसंघ से लेकर बीजेपी के संस्थापक सदस्य थे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के बेहद करीबी माने जाते थे. अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को नोएडा से पटना लाया जाएगा. पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उनका अंतिम दर्शन कर सकेंगे.
आरके सिन्हा का सियासी सफर
रविंद्र किशोर सिन्हा बीजेपी के दिग्गज नेता होने के साथ SIS ग्रुप के संस्थापक भी थे. उनका संसदीय सफर साल 2014 से शुरू हुआ. वे 2020 तक राज्यसभा सांसद रहे. इसके अलावा, आरके सिन्हा एशिया-पैसिफिक एरिया की प्रमुख सुरक्षा और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी SIS Group के फाउंडर और चेयरमैन थे.
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परिवार की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया, "अत्यंत भारी और दुखी मन से आप सभी को सूचित करना पड़ रहा है कि हम सभी के अभिभावक, भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, पूर्व राज्यसभा सांसद, SIS ग्रुप के संस्थापक, माननीय डॉ. रविंद्र किशोर सिन्हा जी का आज नोएडा स्थित आवास पर निधन हो गया. आप सभी से विनम्र प्रार्थना है कि जहां भी हैं, वहीं से श्रद्धेय साहब की पुण्यात्मा की शांति और इस कठिन समय में परिवार को संबल देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें."
जेडीयू की ओर से एक्स पर पोस्ट कर लिखा गया है, "भाजपा के वरिष्ठ नेता, SIS के संस्थापक एवं पूर्व सांसद श्री आरके सिन्हा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है. उनका निधन राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है. जद (यू) परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि एवं विनम्र नमन."
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व राज्यसभा सांसद आदरणीय श्री आरके सिन्हा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं मर्माहत करने वाला है. उनका स्नेह, अनुभव और मार्गदर्शन सदैव संगठन के कार्यों में मिलता रहा. संगठन के प्रति उनका समर्पण, विचारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!"
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