निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा और हमले करने के आरोपियों में से एक हैप्पी शर्मा ने बड़ा बयान दिया है. उत्तर प्रदेश स्थित बुलंदशहर निवासी हैप्पी ने कहा कि साधु-संतों का विरोध प्रदर्शन हो रहा था और हम उनका समर्थन करने के लिए बुलंदशहर से आए थे.
शर्मा ने कहा कि पप्पू यादव साधुओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हैं. वे हमारे पूजनीय देवी-देवताओं का अपमान करते हैं और हमारी आस्था का मज़ाक उड़ाते हैं, इसलिए हम साधुओं के समर्थन में खड़े होने के लिए आए थे. जब हम वहाँ पहुँचे, तो पता चला कि साधुओं को पहले ही वहाँ से हटा दिया गया था.
शर्मा ने कहा कि हमने सोचा कि अब क्या करें, इसलिए हमने सांसद पप्पू यादव से मिलने का फ़ैसला किया और उनके आवास के अंदर चले गए. हमारी सुरक्षा जाँच हुई. हमारे पास कोई चीज़ नहीं थी, इसलिए हमें अंदर जाने दिया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी. हमने बस उनसे कहा, पप्पू यादव, आप एक सम्मानित जन-प्रतिनिधि हैं, लेकिन आप हमारे साधु-संतों का अपमान कर रहे हैं और उनके गेरुए वस्त्रों का मज़ाक उड़ा रहे हैं.
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हैप्पी शर्मा ने बताया दूसरा आरोपी कौन?
उसने कहा कि आप सांसद अवधेश प्रताप के पैर भी छू रहे हैं. इसका क्या मतलब है? कृपया ऐसा करना बंद करें. बस इतना कहने पर ही उन्होंने और उनके समर्थकों ने हमें पीटना शुरू कर दिया. भीड़ ने हम पर बेरहमी से हमला किया. उन्होंने हमें बुरी तरह पीटा. मैं तो बाहर निकल आया, लेकिन मेरा दोस्त नहीं निकल पाया.
आरोपी ने कहा कि उसका नाम सुमित है. उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया. हमारे पास कोई चाकू या कोई अन्य हथियार नहीं था. हाँ, उन्होंने जब हम पर हमला किया, उसके बाद चप्पलें फेंकी गईं. अगर हमारे साधुओं का अपमान होगा, तो हम ऐसा करते रहेंगे.
