बिहार की राजधानी पटना में जाली नोटों की बड़ी खेप के साथ चार युवकों को 26 मार्च देर शाम गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई अगमकुआं थाना क्षेत्र में टीवी टावर के पास विशेष टीम द्वारा की गई है. पुलिस की विशेष टीम ने प्लानिंग के तहत कार्रवाई करते हुए तस्करों को धर दबोचा है. वहीं इस मामले के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए हैं जिसके बाद सनसनी और फैल गई है और नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है.

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100 और 500 रुपये के नोटों की गड्डी है शामिल

पुलिस ने आरोपियों की कार से सौ रुपये के जाली नोट की 20 गड्डी और 500 रुपये के नोट की 5 गड्डी बरामद की है. कुल मिलाकर 2 लाख 25 सौ रुपये के नकली नोट जब्त किए गए हैं. जाली नोटों के परिवहन में इस्तेमाल हो रही कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है.

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आरोपियों की पहचान और भूमिका

गिरफ्तार आरोपियों में खुसरूपुर निवासी सगे भाई राणा लव और राणा कुश शामिल हैं, जबकि अन्य दो की पहचान वैशाली के लालगंज निवासी अस्मित कुमार और नालंदा के इस्लामपुर निवासी अशुतोष कुमार के रूप में हुई है. राणा लव विदेश में पढ़ाई कर चुका है और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल इस अवैध कारोबार में कर रहा था.

यूपी कनेक्शन और नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि जाली नोटों की छपाई उत्तर प्रदेश में की जाती थी और वहां से बिहार में सप्लाई होती थी. पटना पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और उत्तर प्रदेश पुलिस से भी समन्वय किया जा रहा है. आरोपियों ने पूछताछ में पहले भी ऐसे अपराध करने की बात स्वीकार की है.

राजनीतिक लिंक और आगे की जांच

जांच के दौरान मुख्य आरोपी के एक राजनीतिक दल से संबंध होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी गहन जांच की जा रही है. पुलिस इस एंगल पर विशेष फोकस कर रही है ताकि पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके. मामले पर एसपी परिचय कुमार की प्रतिक्रिया का इंतजार है.