पटना में शनिवार को निर्वाचन आयोग के साथ हुई बैठक में राजनीतिक पार्टियों ने कई सुझाव दिए जिसमें कहा गया कि राज्य में छठ पूजा के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव कराए जाएं, ताकि मतदाताओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिल सके. इस दौरान आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर अपनी बात रखी. 

आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने क्या कहा?

आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने कहा, "हमने चुनाव आयोग के सामने सभी बिंदु स्पष्ट रूप से रखे हैं. मैंने उन्हें आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के लिखित सुझाव भी दिए हैं. हमने मांग की है कि चुनाव दो चरणों में कराए जाएं. हमने उनसे कहा है कि वे हमें उन 3,66,000 नामों की स्पष्ट सूची दें जो (मतदाता सूची से) हटा दिए गए थे, और मैं उन लोगों से अपील करता हूं, जिनके नाम हटा दिए गए हैं कि वे शिकायत दर्ज करें."

मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद जेडीयू बिहार अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, "हमारी पार्टी ने सुझाव दिया है कि चुनाव एक ही चरण में कराए जाएं. छठ पर्व के दौरान बाहर से आने वाले मतदाताओं को वोट डालने की सुविधा देने के लिए, चुनाव छठ पर्व के तुरंत बाद आयोजित किए जाने चाहिए."

छठ के तुरंत बाद अक्टूबर के अंत में होगा चुनाव!

बता दें कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. पहले चरण का चुनाव छठ के तुरंत बाद अक्टूबर के अंत में होने की संभावना है. दिवाली और छठ के दौरान, बिहार से बाहर नौकरी करने वाले अधिकांश लोग त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं और ऐसा माना जाता है कि मतदाताओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव कराने का यह सबसे अच्छा समय है.

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