बिहार में परिसीमन से पंचायत और वार्ड की संख्या बढ़ेगी, होल्डिंग टैक्स कितना लगेगा? जानें
Delimitation in Bihar: बिहार में अभी कुल 8,053 पंचायतें हैं. 1991 की जनगणना के आधार पर लालू प्रसाद यादव की सरकार में 1994 में परिसीमन हुआ था. अब नए परिसीमन के बाद ही बिहार में पंचायत चुनाव होगा.

बिहार में ग्राम पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद का नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा. 2011 की जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का निर्धारण किया जाएगा. इसके लिए सम्राट कैबिनेट (Samrat Cabinet) से हाल ही में मंजूरी मिली है. इससे यह भी साफ हो चुका है कि पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद की संख्या भी बढ़ेगी. साथ ही नए परिसीमन के बाद ही बिहार में पंचायत चुनाव होगा.
आंकड़ों से समझिए
बिहार में अभी कुल 8,053 पंचायतें हैं. इसमें 8,053 मुखिया और सरपंच के पद हैं तो 11,094 पंचायत समिति सदस्य हैं. 1,160 जिला परिषद सदस्य तो वार्ड सदस्य और पंच 1,09,695 हैं. 1991 की जनगणना के आधार पर लालू प्रसाद यादव की सरकार में 1994 में परिसीमन हुआ था. उस समय झारखंड भी बिहार में ही था. उस समय बिहार की आबादी 8 करोड़ 64 लाख थी और अब नया परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार होने जा रहा है.
2011 के अनुसार बिहार की जनसंख्या 10 करोड़ 41 लाख है. इस आधार पर पंचायतों की संख्या में 3,000 से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है. उसी के हिसाब से जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंच की संख्या में बढ़ोतरी भी तय है. ऐसा माना जा रहा है कि 12 हजार के आसपास पंचायतों की संख्या हो सकती है.
पटना में 500 तक हो सकती है पंचायत
इसे ऐसे समझा जाए कि अभी वर्तमान में पटना जिले में 322 पंचायतें हैं तो परिसीमन के बाद इसकी संख्या बढ़कर 475 से 500 के करीब हो सकती है. रोहतास में 226 पंचायत है तो यहां बढ़ने के बाद 350 के करीब पंचायत हो सकती है. सबसे कम शिवहर जिले में 23 पंचायतें हैं. परिसीमन के बाद यहां की संख्या 32 से 34 के बीच हो सकती है. जहानाबाद में 93 पंचायत है तो नए परिसीमन के बाद यह बढ़कर 130 से 140 तक जा सकता है. जानकारों का कहना है कि नए परिसीमन में कई गांवों की पंचायत भी बदल सकती है.
निकायों की संख्या एक नजर में
ग्राम पंचायत- अभी 8,053 और बढ़ने के बाद करीब 12,000
वार्ड- अभी 1.09 लाख और बढ़ने के बाद करीब 1.75 लाख
जिला परिषद- अभी 1160 और बढ़ने के बाद करीब 1760
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इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने ग्राम पंचायत कर, दर शुल्क नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी है. यानी शहरों की तरह गांवों में भी होल्डिंग टैक्स लगेगा. जल्द ही पंचायत राज इस संबंध में आदेश जारी करेगा. कर वसूली की अब तक कोई नियमावली नहीं बनी थी.
आवास और कर की दर (प्रति वर्ष)
- पक्का मकान- 100 रुपया
- अर्ध पक्का मकान- 50 रुपया
- कच्चे मकान पर नहीं लगेगा
- पीएम आवास योजना के तहत बने मकान- 25 रुपया
- सफाई शुल्क- 30 रुपया
- पेट्रोल पंप- 5000
- रसोई गैस एजेंसी- 5000
- ईंट-चिमनी- 5000
- सिनेमा हॉल- 5000
- जलापूर्ति शुल्क- 30 रुपया प्रतिमाह
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