राजधानी दिल्ली में बीते मंगलवार (10 फरवरी, 2026) की दोपहर रोहिणी सेक्टर-32 में काली मंदिर के पास खुले मैनहोल में गिरने से एक मजदूर बिरजू (उम्र 28-30 साल) की मौत हो गई थी. शाम में शव को निकाला जा सका था. बिरजू बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला था. घटना के बाद उसके घर में कोहराम मच गया है. परिवार के सदस्यों को आसपास के लोग ढांढस बंधा रहे हैं.
घर में अकेला कमाने वाला था बिरजू
इस घटना के बाद बिरजू के पैतृक गांव वारिसनगर थाना क्षेत्र के शादीपुर बथनाहा के लोग सदमे में हैं. बताया जाता है कि उसके पिता जुगल राय का पहले ही निधन हो चुका है. ऐसे में देखा जाए तो घर में कमाने वाला वह अकेला ही था. हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घर कैसे चलेगा इसकी भी चिंता है. घटना की सूचना मिलने के बाद बिरजू की मां गीता देवी, पत्नी सुचिता देवी, पुत्र आयुष कुमार (8 वर्ष), आर्यन कुमार (5 वर्ष), पुत्री रिया कुमारी (3 वर्ष), बहन पूनम देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
परिजनों ने बताया कि बिरजू इकलौता पुत्र था. अब इस घटना के बाद उसके तीन बच्चों (2 बेटा और एक बेटी) के सिर से पिता का साया उठ गया है. वह आठ महीने से घर से दिल्ली जाकर शटरिंग का काम कर रहा था. कंपनी से कुछ पैसा मिला था जिसके बाद वह अपने साथियों के साथ बाजार जाकर घर परिवार के लिए कपड़े आदि खरीदकर लौट रहा था. चार-पांच दिन में अपने घर लौटने की तैयारी कर रहा था.
शव आने पर कल होगा दाह-संस्कार
परिजनों ने बताया कि कल (गुरुवार) उसका शव घर पर लाया जाएगा. इसके बाद दाह-संस्कार होगा. वहीं परिजन सरकार से तत्काल विशेष सहायता देने की गुहार भी लगा रहे हैं ताकि परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई जारी रहे.
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