बिहार में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बाद उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने पंचायती राज विभाग का पदभार संभाल लिया है. शनिवार (22 नवंबर) को कार्यभार संभालने के बाद ही उन्होंने विभाग के सचिव और अधिकारियों के साथ बैठक की और अहम निर्देश जारी किए. उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि कई जगहों पर सही समय पर काम पूरा नहीं हो पा रहा है. उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं. पंचायत स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा को लेकर समिति गठित करने का भी जिक्र किया.

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी मिली है. पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने का मौका मिला है. मैंने पदभार ग्रहण कर लिया है. विभाग के सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ व्यापक रूप से चर्चा हुई है. जो योजनाएं चल रही हैं, उनका क्रियान्वयन सही तरीके से हो, आगे नई योजनाएं आएं, उसके ऊपर भी विस्तार से बातचीत हुई है. विभाग के अंदर पदाधिकारियों से विस्तारपूर्वक चर्चा हुई. कुछ काम जो चल रहे हैं और कुछ नए कामों के ऊपर भी चर्चा हुई.'' 

कई जगहों काम की गुणवत्ता ठीक नहीं- दीपक प्रकाश

उन्होंने आगे कहा, ''विभाग के अधिकारियों को कुछ निर्देश जारी करने की जरूरत महसूस की गई. उसमें एक तो पिछले समय में पूरे बिहार में पंचायत भवन का निर्माण कार्य चल रहा है. कई जगहों पर ये देखा गया है कि काम की गुणवत्ता जैसी होनी चाहिए वैसी नहीं है. उसमें या तो निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कम है. और कई जगहों पर ऐसा भी पाया गया है कि काम सही समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है.'' 

'पंचायत स्तर पर कार्यों की समीक्षा के लिए समिति बनेगी'

मंत्री ने कहा, ''पंचायत के स्तर पर जो भी काम किए जा रहे हैं, उनकी सही मॉनिटरिंग हो पाए, इसके लिए पंचायत स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक समिति बनाई जाएगी. इस समिति का काम पंचायत स्तर पर किए जाने वाले कार्य की समीक्षा करना होगा. इससे जवाबदेही भी तय होगी और प्रतिनिधियों को लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भागीदारी भी मिलेगी.'' 

जिला परिषद की जमीनों पर एसेट्स निर्माण पर जोर

उन्होंने जिला परिषद की जमीनों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ''एक दूसरा विषय जिला स्तर पर जिला परिषद की जमीनें हैं. बिहार में सभी जिलों को मिलाकर कुल 35 हजार एकड़ के लगभग जमीनें हैं. इन जमीनों पर रेवेन्यू जेनरेटिंग एसेट का विकास किया जाए, इसके लिए इन जमीनों को या तो सीधे तौर पर लीज पर दिया जाए या उन जगहों पर भवन का निर्माण हो. उदाहरण के तौर पर छोटे-छोटे स्लॉट्स में दुकानों का निर्माण हो, जिसको रोजगार के लिए किराए पर दिया जा सके.'' 

'पंचायती राज विभाग में खाली पदों को जल्द भरा जाएगा'

दीपक प्रकाश ने कहा कि एसेट्स के रूप में विकास करने से विभाग के पास रेवेन्यू का संसाधन का एक जरिया आएगा. साथ में किराए पर या लीज पर लेकर रोजगार का भी सृजन होगा. उन्होंने ये भी कहा, ''तीसरी बात ये कि जो विभाग के अंदर जो वैकेंसी हो उस पर जल्द से जल्द बहाली हो. इसके लिए भी विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.'' बता दें कि मंत्री दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं और मौजूदा वक्त में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.