मिडिल ईस्ट में बीते करीब एक महीने से जारी युद्ध का असर पेट्रोलियम पदार्थों पर भी पड़ रहा है. इस बीच अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव को देखते हुए सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च 2026) को पेट्रोल और डीजल दोनों पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी. अब पेट्रोल पर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी सिर्फ तीन रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर यह शून्य हो गई. इस पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है.
अपनी छवि को सुधार रही सरकार?
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इसके पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. अंतर नहीं पड़ेगा. सरकार औपचारिकता निभा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ये बताना चाह रही है कि इस हालत में भी जब देश में पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर क्राइसिस है तो भी हम एक्साइज ड्यूटी कम कर रहे हैं. एक तरह से लोगों के अंदर जो सरकार की छवि है उसको सुधारने की यह कोशिश है.
'इससे जनता को क्या फायदा…'
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने पर आरजेडी सांसद मीसा भारती ने भी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है, "...इससे जनता को क्या फायदा होगा… क्योंकि पेट्रोल, डीजल, गैस (एलपीजी) मिल ही नहीं रहा है..."
बीजेपी बता रही ऐतिहासिक फैसला
विपक्ष भले सरकार के इस कदम से खुश न हो लेकिन बीजेपी इसे बड़ा तोहफा मान रही है. एक्साइज ड्यूटी घटाए जाने को लेकर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल से लिखा, "श्री रामनवमी के अवसर पर श्री नरेंद्र मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला! पेट्रोल और डीजल पर मोदी सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को घटा दिया है. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये घटाकर 3 रुपये कर दिया गया है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को जीरो कर दिया गया है. इससे इस ग्लोबल संकट के बीच भी उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा. यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने और आम जनता को राहत देने के लिए उठाया गया है."
सम्राट ने कहा, "इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन! जहां एक ओर पश्चिम एशिया के युद्ध काल का फायदा उठाकर कांग्रेस की सरकारें जनता पर अतिरिक्त बोझ और आर्थिक दबाव डाल रही हैं, वहीं मोदी सरकार इस वैश्विक संकट में भी जनता जनार्दन को राहत देने में लगी हुई है. यह श्री नरेंद्र मोदी सरकार की 140 करोड़ भारतीयों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है."
