बिहार सुशासन से चलेगा, कान खोलकर सुन लीजिए, बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए सरकार को जो भी कदम उठाना पड़ेगा उसको उठाएगी. गयाजी तो पिंडदान के लिए फेमस है. कुछ लोगों का पिंडदान शुरू हो गया है. आगे भी बिहार में सुशासन स्थापित करने के लिए ऐसे कई अपराधियों का पिंडदान हमारी सरकार करते रहेगी. यह बातें शुक्रवार (01 मई, 2026) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी में कहीं.

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दूसरी ओर सम्राट चौधरी ने मठ की जमीन से अवैध कब्जा हटाने का भी ऐलान किया. कहा कि मठ की जमीन से अवैध कब्जा हटाने का अभियान बोधगया से शुरू होगा. सीएम ने बिहार की शिक्षा-व्यवस्था को लेकर कहा कि सरकारी स्कूल में मंत्री, विधायक के बच्चे क्यों नहीं पढ़ते इसके लिए अगले दो वर्षों में ऐसी व्यवस्था करेंगे कि इन सभी (मंत्री और विधायक) के बच्चे उसमें पढ़ेंगे.

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सीएम बनने के बाद पहली बार गयाजी पहुंचे सम्राट

शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बोधगया के शंकराचार्य मठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी सह सांस्कृतिक संचेतना के तहत भारतीय परंपरा में धार्मिक समन्वय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार गयाजी और बोधगया पहुंचे थे.

सबसे पहले मुख्यमंत्री विष्णुपद मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने विष्णुपद कोरिडोर क्षेत्र का भ्रमण कर निर्माण कार्यों का जायजा लिया. फल्गु नदी तट स्थित देवघाट समेत विभिन्न स्थलों का भी निरीक्षण किया.

विष्णुपद कॉरिडोर के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे. रास्ते में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया. बोधगया पहुंचकर उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद बीटीएमसी कार्यालय पहुंचे. यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बोधगया कॉरिडोर परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक की. आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया.

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