केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र और बिहार सरकार के बीच नदियों से गाद निकालने और निकाली गई गाद का राष्ट्रीय राजमार्गों में उपयोग करने के लिए हुए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस मौके पर दिल्ली में सीएम सम्राट ने बिहार की दो कमजोरियों का जिक्र किया.
सम्राट चौधरी ने कहा, "बिहार की कमजोरी सिर्फ 2 है जिसमें एक आबादी और दूसरा पानी है. आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में इतना बड़ा समझौता हो रहा है तो मैं धन्यवाद देता हूं और अगर यहां हमने नदियों को व्यवस्थित कर लिया तो डर 100% खत्म हो जाएगा."
सीएम ने कहा, "हमारे यहां कोई अपराध नहीं है... अब बिहार के लिए दूसरी सबसे बड़ी चुनौती पानी का प्रबंधन है. मैं यह आश्वस्त करता हूं कि इस नदी संजीवनी के समझौते के बाद बिहार आर्थिक रूप से खड़ा होगा..."
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सीएम सम्राट ने किया टाउनशिप का जिक्र
सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना को लोग पाटलिपुत्र के नाम से जानते थे, 80 हजार एकड़ में यहां हम नया टाउनशिप बना रहे हैं जिसका नाम पाटलिपुत्र होगा. इसी तरह गयाजी में 25 हजार एकड़ में नया टाउनशिप बना रहे हैं, मुंगेर में अंग के नाम से, भागलपुर में विक्रमशिला, सहरसा में कोसी, दरभंगा में मिथिला, मुजफ्फरपुर में तिरहुत और सीतामढ़ी में सीतापुरम के नाम से बन रहा है.
सीएम ने नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि इसी तरह आपका सहयोग मिलता रहे. सम्राट ने कहा, "एक आग्रह करूंगा… हरिद्वार से तो बहुत कम पानी आता है… लेकिन चंबल से, यमुना से, गंडक से, सोन, घाघरा, नारायणी और बिहार में जो बड़ी नदियां हैं कोसी, बूढ़ी गंडक, इसके माध्यम से हमारे यहां जल आता है… बिहार इसके चलते ज्यादा तबाह होता है… हम चाहेंगे कि एक एक्सप्रेस-वे जरूर कल्पना कीजिए… गंगा के दोनों छोर पर फोर लेन सड़क बनाइए…"
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