बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार (21 फरवरी) को 2 लाख से अधिक किसानों के बीच 100 करोड़ की राशि जारी करेंगे. ये वो किसान हैं, जिनकी फसलें पिछले दिनों आए तूफान और बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गई थीं. DBT के जरिये किसानों के बैंक खाते में राशि भेजेंगे. 

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इसको लेकर मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम का भी आयोजन सुबह 10:30 बजे से किया गया है. जिसमें सीएम नीतीश, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, कृषि विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे.

समय पर दी जाए किसानों का आर्थिक मदद

बिहार सरकार की कोशिश है कि किसानों को बिना किसी बिचौलिए के पारदर्शी तरीके से आर्थिक मदद समय पर दी जाए. कृषि विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद प्रभावित किसानों की सूची तैयार की गई है. अनुदान की राशि फसल क्षति के प्रकार के आधार पर तय की गई है.

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फसल क्षति के आधार पर अनुदान की दरें कुछ इस तरह तय हैं. जिसमें असिंचित क्षेत्र 8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र 17,000 प्रति हेक्टेयर और शाश्वत फसलें (जैसे गन्ना) 22,500 प्रति हेक्टेयर की गई हैं. न्यूनतम सहायता असिंचित क्षेत्र के लिए 1 हजार और सिंचित क्षेत्र के लिए 2 हजार अनिवार्य है. यह अनुदान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की भूमि के लिए देय होगा

पैदल चलने वाले लोगों के लिए सीएम ने किया ये ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. इसे लेकर परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं. सीएम ने सड़क सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए राज्य के शहरी इलाकों में खासकर भीड़-भाड़ वाले जगहों को चिह्नित कर जल्द फुटपाथ बनाने का निर्देश दिया गया है. 

वहीं मुख्यमंत्री ने सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए चिह्नित जगहों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही चिह्नित जगहों पर फुट ओवर ब्रिज/एस्केलेटर और अंडरपास बनाने का निर्देश दिया गया है.

सरकारी और निजी गाड़ी चालकों को ट्रेनिंग का निर्देश

सभी सरकारी और निजी गाड़ी चालकों को ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया गया है, ताकि गाड़ी चालक सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील हो सकें.राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में अधिक सड़क दुर्घटना की संभावना वाली जगहों (Black spot) को चिह्नित कर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का निर्माण और सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि उसका आकलन कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.