पीएम आवास के पास 21 जुलाई को कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार ने हमेशा बातचीत का रास्ता खुला रखा है और आज भी बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर सरकार लगातार उनसे बातचीत कर रही है लेकिन अब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करने लगी है.
चिराग पासवान ने कहा, "संवाद के रास्ते सरकार ने हमेशा खुले रखे हैं. आज भी खुले हैं और मैं मानता हूं कि संवाद बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकालता है. इसलिए मैं आशावादी हूं. मुझे उम्मीद है कि जल्द ही हमें एक साझा मंच मिलेगा, जहां हम बैठकर चर्चा करेंगे और किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे. छात्रों से तो संवाद हो ही रहा है. लेकिन जैसा आपने कहा कि अब तो कांग्रेस ने भी इस पर राजनीति शुरू कर दी है. यह छात्रों का विषय, छात्रों का मुद्दा है और वे इससे निपट रहे हैं. मुझे लगता है कि वे अच्छे से इसे डील कर रहे हैं."
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पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन पर जताई चिंता
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, "कल जिस तरीके से राहुल जी के द्वारा, प्रियंका जी के द्वारा और प्रधानमंत्री जी के आवास के सामने जो हुआ, उस पर मैं पूरी ईमानदारी से कहना चाहता हूं...कई जगहों की संवेदनशीलता भी है और खास तौर पर जब ऐसी धाराएं लगी रहती हैं, जहां पर धारा 163 के तहत एक भीड़ इकट्ठी नहीं हो सकती, क्योंकि वह संवेदनशील इलाका है."
'असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ सकते हैं'
चिराग पासवान ने कहा कि कई बार प्रदर्शन की आड़ में असामाजिक तत्व भीड़ में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा, "अब ऐसे में मान लीजिए कोई असामाजिक तत्व बीच में आ जाए. हमने वो भी तो विजुअल्स देखे हैं, जहां पर कांस्टेबल्स को पीटा जा रहा है, जहां पर पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई हो रही है. अब यकीनन ये छात्र तो नहीं हैं जो ऐसा कर रहे हैं. उनकी आड़ में, उनकी छाया लेकर कुछ और असामाजिक तत्व बीच में घुस जाते हैं."
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उन्होंने आगे कहा, "उसी तरीके से कल पीएम आवास के पास जिस तरीके से भीड़ इकट्ठी हुई, दो-चार और ऐसे गुंडई सोच वाले लोग अगर उस भीड़ में घुसकर कोई ऐसी घटना को अंजाम दे दें, जिस पर भविष्य तक हम लोग पछताते रहें, तो चीजों को व्यवस्थित होकर, नियंत्रित होकर चलने की जरूरत है. मुझे लगता है कि जब तक कोई राजनीतिक दल इसमें राजनीति न करे, तब तक इस विषय को संयम के साथ सुलझा लिया जाएगा."
