बिहार में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ पटना जिला प्रशासन की ओर से छठ की भी तैयारी शुरू कर दी गई है. गुरुवार (09 अक्टूबर, 2025) को पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी ने अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में छठ महापर्व को लेकर समीक्षा की गई.

पटना जिले में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के लगभग 550 घाटों पर छठ होता है. दानापुर से लेकर पटना सिटी तक की बात की जाए तो लगभग 108 गंगा घाट हैं. साथ ही पटना नगर निगम क्षेत्र में करीब 45 पार्क एवं 63 तालाबों में भी छठ होता है. ऐसे में इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पटना एवं नगर निगम द्वारा तेजी से तैयारी की जा रही है.

अग्निशमन से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था का निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि छठ के सफल आयोजन के लिए सुगम पहुंच पथ, प्रकाश की समुचित व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती, अग्निशमन की व्यवस्था, आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वाच टावर एवं नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ पार्किंग पर विशेष ध्यान देना होगा. छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधा-युक्त प्रबंधन के लिए घाटों पर समुचित संख्या में शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल, चेंजिंग रूम, यात्री शेड आदि पर विशेष ध्यान देना होगा. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने नगर निकाय, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, प्रशासन, विद्युत, भवन निर्माण विभाग, पथ निर्माण, पुल निर्माण, अग्निशमन सहित सभी विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया.

दूसरी ओर जिलाधिकारी ने गंगा में बढ़े जलस्तर को लेकर कहा कि इस पर नजर रखना होगा. जलस्तर घटा है. उन्होंने घाटों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग करने को कहा है. यह भी कहा है कि खतरनाक घाटों को चिह्नित कर लाल रंग के कपड़े से घेर दें ताकि श्रद्धालु उधर न जाएं. निर्देश दिया कि सभी घाटों पर बड़े-बड़े अक्षरों में घाटों का नाम लिखा रहे. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम 24x7 अलर्ट रहे.

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