तेजस्वी यादव गए राज्यसभा तो राघोपुर से पत्नी राजश्री लड़ेंगी चुनाव? BJP का चौंकाने वाला दावा!
Rajya Sabha Elections: बीजेपी का कहना है कि तेजस्वी कानूनी पचड़े में फंसने की स्थिति में पत्नी को आगे बढ़ाने का विकल्प बरकरार रखना चाहते हैं. पिता की तरह पार्टी को व्यक्तिगत जागीर के रूप में चलाएंगे.

सियासी गलियारे में चर्चा है कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव राज्यसभा के उम्मीदवार हो सकते हैं. हालांकि ये बस कयास है लेकिन इस पर बयानबाजी शुरू हो गई है. इस बीच बीजेपी की ओर से एक चौंकाने वाला दावा किया गया है. बीजेपी नेता निखिल आनंद ने रविवार (01 मार्च, 2026) को एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "तेजस्वी यादव वाकई राज्यसभा जा रहे हैं? अगर यह सच है तो वह निश्चित रूप से राघोपुर की खाली सीट से अपनी पत्नी रेचल गोडिन्हो उर्फ राजश्री यादव को चुनाव लड़वाना सुनिश्चित करेंगे."
निखिल आनंद ने कहा कि तेजस्वी कानूनी पचड़े में फंसने की स्थिति में अपनी पत्नी को आगे बढ़ाने का विकल्प बरकरार रखना चाहते हैं. परिवार और पार्टी में चल रहे टकराव को देखते हुए तेजस्वी कानूनी चुनौती की स्थिति में अपनी पत्नी के अलावा किसी भी दूसरे पर भरोसा नहीं करना चाहते हैं. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि तेजस्वी ने खुद को परिवार से अलग कर लिया है और आगे अपने पिता की तरह पार्टी को व्यक्तिगत जागीर के रूप में चलाएंगे.
'करारी हार के बाद सदमे में तेजस्वी यादव'
उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह भी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद वह (तेजस्वी यादव) अब भी सदमे में हैं. तेजस्वी थोड़ा परेशान हो गए हैं, असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और साथ ही विपक्ष के नेता के रूप में बिहार विधानसभा में पार्टी का नेतृत्व करने का आत्मविश्वास भी खो चुके हैं. पार्टी और परिवार के भीतर संघर्ष ने उन्हें गंभीर रूप से असहज कर दिया है."
'अगले विधानसभा चुनाव तक आरजेडी का खत्म होना तय'
निशाना साधते हुए निखिल आनंद ने अपने पोस्ट में आगे लिखा है, "तेजस्वी यह भी सोच रहे हैं कि पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद उनके दिल्ली जाने से आरजेडी को राष्ट्रीय पार्टी बनने में मदद मिलेगी, लेकिन मूल रूप से 'राजद' एक बिहार केंद्रित पार्टी है और जब उनका परिवार बिहार की पार्टी से दूरी बना लेगा तो अगले विधानसभा चुनाव तक राज्य में आरजेडी का खत्म होना तय है."
बीजेपी नेता ने कहा कि एक बात यह भी है कि चौतरफा असमंजस की स्थिति में घिरे तेजस्वी बिहार से बाहर एक सुरक्षित ठिकाना ढूंढना चाहते हैं, जहां पर वे विलासिता का आनंद लेते हुए खुशी से जीवन-यापन की गाड़ी आगे बढ़ा सकें. यह उस स्थिति के लिए तैयारी है जब पार्टी की चुनौतियां ज्यादा बढ़े और इस कदर स्थिति हो जाए उनकी पार्टी परिदृश्य से गायब हो जाएगी. स्वाभाविक सी बात है कि तेजस्वी के दिल्ली जाने के बाद अब बिहार के लोगों के लिए, राजद एक दिल्ली और हरियाणा आधारित निर्यातक गुणवत्ता वाली राजनीतिक पार्टी हो जाएगी, जो केवल बिहार में राजनीतिक आपूर्ति शृंखला का प्रबंधन करेगी.
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Source: IOCL


























