पूरे देश की नजर इन दिनों दिल्ली पर है. जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की स्थिति एक तरफ बिगड़ती जा रही है तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष के नेता इस पर कुछ बोलने से बच रहे हैं. इस बीच बिहार बीजेपी के नेता की इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया आई है.
शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) को एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सवाल उठाया कि सोनम वांगचुक क्यों अनशन कर रहे हैं? जिस मुद्दे को लेकर वह अनशन पर बैठे हैं उस नीट के एग्जाम का रिजल्ट भी आ गया. सोनम वांगचुक राजनीति कर रहे हैं.
'उनको अनशन तोड़ देना चाहिए'
बीजेपी नेता ने कहा कि देश की जनता जानती है कि नरेंद्र मोदी की जो सरकार है वह जनकल्याण के लिए है. नरेंद्र मोदी की सरकार युवाओं की मेधा को कभी बर्बाद नहीं होने देगी. यही वजह है कि नीट के एग्जाम का रिजल्ट सही समय पर आ गया. सोनम वांगचुक का मुद्दा तो ऐसे ही समाप्त हो गया. उनको अनशन तोड़ देना चाहिए.
यह भी पढ़ें- बिहार में परिसीमन से पंचायत और वार्ड की संख्या बढ़ेगी, होल्डिंग टैक्स कितना लगेगा? जानें
हमारी सरकार संवेदनशील: प्रभाकर मिश्रा
इस सवाल पर कि सत्ता पक्ष का कोई नेता सोनम वांगचुक को मनाने नहीं जा रहा है. इस पर प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि क्यों सत्ता पक्ष के लोग मनाने जाएंगे? जिस मुद्दे को लेकर वह आमरण अनशन पर हैं वह तो ऐसे ही फ्लॉप हो गया, लेकिन ज्यादा हालत बिगड़ने नहीं दी जाएगी. हमारी सरकार संवेदनशील है. हर वर्ग के लोगों पर ध्यान देती है. किसी का अहित नहीं चाहती है. डॉक्टर उनका प्रॉपर इलाज कर रहे हैं. ज्यादा स्थिति बिगड़ी तो सरकार इस पर पहल करेगी.
खेसारी लाल ने की अनशन तोड़ने की अपील
उधर बिहार के भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने अनशन तोड़ने की अपील की है. खेसारी ने गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को अपने एक्स पोस्ट में कहा, "सोनम वांगचुक जी, आपसे हाथ जोड़कर एक विनती है... कृपया अपना अनशन तोड़ दीजिए! देश को आपकी लड़ाई भी चाहिए और आपका साथ भी. आपकी जान किसी भी आंदोलन से ज़्यादा कीमती है. प्लीज... दूसरा जी.डी. अग्रवाल मत बनिए. देश एक और ऐसा सच्चा इंसान नहीं खोना चाहता. आप स्वस्थ रहिए... क्योंकि देश को आपकी आवाज की जरूरत आज भी है और आने वाले कल में भी है. देश आपके संघर्ष का सम्मान करता है... लेकिन सबसे पहले आपकी जिंदगी का."
यह भी पढ़ें- RJD को 'B' फैक्टर से दिक्कत! लालू-तेजस्वी से क्यों दूर हुए मृत्युंजय तिवारी? अंदर की खबर जानिए
