भरत भूषण तिवारी (Bharat Bhushan Tiwari) के एनकाउंटर से सम्राट सरकार (Samrat Government) की टेंशन बढ़ गई है. मामले ने तूल पकड़ा तो तुरंत सीएम सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) ने शनिवार (20 जून, 2026) को ऐलान किया है कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच कराई जाएगी. इस न्यायिक जांच के बीच बीजेपी के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे ने बड़ा बयान दिया है. 

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बीजेपी सांसद ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भरत तिवारी पुलिस मुठभेड़ का पूरा प्रसंग अभी जांच का विषय है. स्थानीय निवासियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनेक वक्तव्यों से यह प्रश्न अवश्य उठता है कि क्या ऐसी परिस्थितियां जानबूझकर उत्पन्न हुईं और क्या इस पूरे मामले को अपेक्षित पेशेवर तरीके से संभाला गया.

उन्होंने कहा, "माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा इस प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच करवाने का निर्णय स्वागतयोग्य एवं सराहनीय है. इससे सत्य सामने आने तथा जनविश्वास को मजबूत करने में सहायता मिलेगी."

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'कानून से ऊपर कोई नहीं'

सतीष चंद्र दुबे ने कहा कि भरत तिवारी द्वारा हाल के समय में किए गए कार्यों का किसी भी प्रकार से समर्थन या बचाव नहीं किया जा सकता. कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध का उत्तरदायित्व तय होना चाहिए. किंतु साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि कानून के शासन में प्रत्येक कार्रवाई की वैधानिकता और परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा हो.

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दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की कही बात

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं घटनाक्रम की गहन जांच होनी चाहिए कि क्या वास्तव में घटनास्थल पर वही परिस्थितियां थीं, जैसा प्रशासन द्वारा बताया जा रहा है. यदि जांच में कोई चूक, लापरवाही अथवा तथ्य छिपाने का प्रयास सामने आता है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए. न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए. हमें विश्वास है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य सामने आएगा और न्याय की स्थापना होगी.

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