जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार (22 फरवरी, 2026) की रात एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच झड़प हो गई. घटना रात के करीब एकसे 1:30 बजे के आसपास की है. पथराव तक हुआ है. इस मामले पर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया आई है. 

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गिरिराज सिंह ने कहा, "...ऐसे लोगों पर कड़े कानून बनने चाहिए. ये राहुल गांधी के टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं... जेएनयू अर्बन नक्सल की नर्सरी बन गई है... इन लोगों पर कड़ा कानून लाया जाना चाहिए... ये देश के प्रति समर्पित नहीं हैं. लेफ्ट ऑर्गनाइजेशन वहां (जेएनयू) देश के विरोधियों को पैदा करता है. जो लड़के लेफ्टिस्ट नहीं हैं उन्हें ये लोग ABVP का सदस्य कहते हैं और उन्हें मारते हैं..."

गिरिराज सिंह ने जेएनयू को राहुल गांधी और राहुल गांधी को जेएनयू करार दिया. जेएनयू लेफ्ट की प्रयोगशाला बन गई है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो छात्र लेफ्ट के नहीं होते हैं उन्हें डराया जाता है. पीटा जाता है. मारते हैं.

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जेएनयू प्रशासन इसे करे नियंत्रित: जेडीयू

इस घटना पर जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा, "जेएनयू धरोहर है… आपसी सहमति का वातारवरण दिल से रखना चाहिए. वैचारिक असहमति हो सकती है… ये टकराव होना… जेएनयू प्रशासन का दायित्व है कि इसको नियंत्रित करे?"

क्या है पूरी घटना?

जेएनयू में देर रात छात्र संगठनों में झड़प हो गई. इसमें एबीवीपी के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए. कई अन्य छात्र भी घायल हुए हैं. विवाद के पीछे का जो कारण अब तक सामने आया है उसके अनुसार, स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे पर लेफ्ट के कदम का एबीवीपी से विरोध किया गया था. इसी पर हंगामा बढ़ा और फिर बात बढ़ गई. आरोप है कि देर रात छात्रों के दो गुट आमने-सामने हो गए. परिसर में हंगामा शुरू हो गया. पत्थरबाजी तक हुई है.

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