बिहार में जारी शराबबंदी कानून को खत्म करने की मांग हो रही है. जेडीयू से विधायक अनंत सिंह, आरएलएम से माधव आनंद जैसे नेता ने इस पर बयान दिया है. इस बीच बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार की प्रतिक्रिया आई है. वे शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को गयाजी स्थित सर्किट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे. 

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'खुलने का सवाल हीं नहीं उठता'

शराबबंदी कानून खत्म करने की बात पर कहा, "शराबबंदी का अच्छा परिणाम आया है. शराबबंदी कानून जारी रहेगा. खुलने का सवाल हीं नहीं उठता है."

इस सवाल पर कि सम्राट चौधरी के सीएम बनने से बीजेपी और जेडीयू में नाराजगी है? इस पर कहा, "सीएम बने हैं तो एनडीए की पसंद से बने हैं. विधायक दल की बैठक में सब लोगों ने समर्थन किया है. विरोध की बात नहीं है. अब आगे देखना है. पीएम के विजन और नीतीश के सुशासन पर सम्राट चौधरी ने काम करना शुरू कर दिया है." 

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महिला आरक्षण बिल पर क्या कहा?

दूसरी ओर प्रेम कुमार ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी दल द्वारा विरोध करने पर कहा कि पीएम के द्वारा लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम लाया गया है. यह देश की आधी-आबादी के लिए है. केंद्र सरकार ने चिंता कर इस प्रस्ताव को लाया है. इसका स्वागत और समर्थन करते हैं. विपक्ष के लोगों को सहयोग करना चाहिए.

प्रेम कमार ने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी के लिए दूरदर्शी निर्णय है. यह अधिनियम राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. इस बिल से आरक्षण और अधिकार मिलेगा. 33% आरक्षण मिलेगा. 

तमिलनाडु और बंगाल चुनाव पर कहा कि ममता बनर्जी से जनता ऊब चुकी है. वहां भी जंगलराज है. ममता बनर्जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. जनता सुशासन चाहती है. दो तिहाई बहुमत से वहां बीजेपी की सरकार बनेगी. 

तमिलनाडु में डीएमके के द्वारा हिंदी भाषा पर हुए विरोध पर कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है. किसी को प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है. सभी क्षेत्रीय भाषाओं का स्वागत करना चाहिए.