बिहार में टीआरई-3 के तहत बहाल हुए शिक्षकों को ट्रांसफर का इंतजार है. जो शिक्षक घर से दूर हैं वे नजदीक आना चाहते हैं. इसको लेकर सदन में मंगलवार (03 फरवरी, 2026) को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पूरी जानकारी दी.

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सुनील कुमार ने कहा कि टीआरई-1 के तहत 45,637 और टीआरई-2 के तहत 28,237 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है. जहां तक टीआरई-3 का सवाल है तो टीआरई-1 और टीआरई-2 के शिक्षक एक साल प्रोबेशन पर थे. इसके बाद ट्रांसफर हुआ. टीआरई-3 का प्रोबेशन जून-जुलाई में खत्म होगा. इसके बाद इनका स्थानांतरण होगा.

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हम लोग दूरी को भी निश्चित रूप से देखेंगे. उन्होंने सदन में एक बात और स्पष्ट किया कि बांका का बेलहर है, कैमूर का इलाका है, जमुई के कुछ इलाके हैं, यहां के कम लोगों ने बहाली में क्वालीफाई किया है, तो इन सब जगहों पर भी शिक्षकों को भेजना आवश्यक है. 

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म्यूचुअल ट्रांसफर का मुद्दा भी उठा

इस बीच सदन में पालीगंज से विधायक संदीप सौरव ने कहा कि टीआरई-3 के बाद दो और बहालियां हुई हैं. प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक, ये दोनों बहालियां हुई हैं. दोनों के ट्रांसफर का विकल्प सरकार ने खोल रखा है. टीआरई-1 और टीआरई-2 का भी है. केवल टीआरई-3 का विकल्प नहीं खुला है और बहाली का एक साल से ज्यादा हो चुका है. इन लोगों को अपने गृह जिले से 300, 400 और 500 किलोमीटर की दूरी पर पोस्टिंग दी गई है. बक्सर के लोगों को पूर्णिया और पूर्णिया के लोगों को रोहतास, इसमें कई महिलाएं भी हैं. सवाल है कि सरकार ने म्यूचुअल ट्रांसफर का विकल्प शुरू किया था, लेकिन अचानक से बीच में पोर्टल को क्यों बंद कर दिया गया? उन्होंने कहा कि टीआरई-3 के ट्रांसफर का विकल्प जल्द शुरू हो और एक बार यह बता दिया जाए कि म्यूचुअल ट्रांसफर क्यों बंद कर दिया गया?

संदीप सौरव के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा, "एक साल होने पर जैसे टीआरई-1 और टीआरई-2 का स्थानांतरण हुआ है वैसे ही टीआरई-3 का भी एक साल होने पर हम लोग ट्रांसफर कर देंगे. जहां तक म्यूचुअल ट्रांसफर का सवाल है तो एक समय के लिए पोर्टल खुला था, तो पुन: हम लोग इस पर विचार करेंगे."

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