बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नियमों में बदलाव किया है. अब इस योजना के तहत मिलने वाली 4 लाख रुपये की अधिकतम लोन राशि को घटाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है. यह नए नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगे और इसे अगले 5 सालों तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है.
नए नियम के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए अब दो लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण ही मिलेगा और इसके लिए आवेदन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा. यदि किसी छात्र को 2 लाख रुपए से अधिक का लोन चाहिए तो उसे प्रधानमंत्री-विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिए बैंक से लोन के लिए आवेदन करना होगा.
मधुबनी: रौशन यादव के परिवार से मिले तेजस्वी यादव, आर्थिक मदद और नौकरी का वादा
योजना अगले पांच वर्षों तक के लिए बढ़ाई गई
बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए संचालित स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार देते हुए नियमों में बदलाव किया है. संशोधित योजना अगले 5 सालों तक यानि कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी. इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में 950 करोड़ रुपए खर्च की स्वीकृति मिली है
योजना में ऋण की राशि के अनुसार, पुनर्भुगतान की अवधि तय की गयी है, दो लाख रुपए तक के ऋण को मोरेटोरियम अवधि (Moratorium Period) के बाद अधिकतम तीन वर्ष, दो से चार लाख रुपए तक के ऋण को अधिकतम पांच वर्ष और चार से 10 लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण को अधिकतम 10 वर्ष में चुकाने की सुविधा होगी.
नीतीश कुमार ने शुरू की थी योजना
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सात निश्चय योजना के तहत 2 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई थी, ताकि 12वीं पास बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक परेशानी न हो
योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकार किए जा चुके हैं. इनमें से करीब 4.15 लाख विद्यार्थियों को लगभग 8,865 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं, जबकि कुल 15,801 करोड़ रुपये का लोन पास किया गया है
'उस वक्त आप छोटी राजनीति...', वंदे मातरम पर चिराग पासवान गुट ने कांग्रेस को घेरा
