बिहार में अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे नियमित अमीनों पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने मंगलवार (3 नवंबर 2026) हड़ताल में शामिल अमीनों को उनके सभी दायित्वों और काम से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का आदेश जारी किया है. साथ ही ई-मापी पोर्टल से उनकी आईडी निष्क्रिय करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को अगले 24 घंटे में आदेश का पालन कराने और कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने को कहा है.

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बिहार में करीब 1200 नियमित अमीन अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर 6 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं. वे सामूहिक अवकाश पर रहकर आंदोलन कर रहे हैं. इस दौरान कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया. विभाग ने 14 अक्टूबर को अमीन संघ के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी. इसके बाद भी अमीनों ने हड़ताल खत्म नहीं की.

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ई-मापी पोर्टल से निष्क्रिय होगी आईडी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पाण्डेय ने मंगलवार (3 नवंबर) को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया. इसमें हड़ताल में शामिल अमीनों को तत्काल उनके सभी कार्यों और जिम्मेदारियों से मुक्त करने का निर्देश दिया गया है. उनकी ई-मापी पोर्टल आईडी भी निष्क्रिय की जाएगी.

विभाग ने साफ किया है कि हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले अमीन पहले की तरह काम करते रहेंगे. हड़ताली अमीनों के स्थान पर संबंधित अंचलों के विशेष सर्वेक्षण शिविरों में तैनात विशेष सर्वेक्षण अमीनों को आनुपातिक आधार पर जिम्मेदारी दी जाएगी. अंचल अधिकारियों को इन अमीनों को मापी के काम के लिए ई-मापी पोर्टल पर ऑनबोर्ड कराने का जिम्मा सौंपा गया है.

डीएम को 24 घंटे में कार्रवाई पूरी करने का निर्देश

विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि अगले 24 घंटे के भीतर निर्देशों का पालन कराया जाए. इसके बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी. विभाग का कहना है कि अमीनों की मांगों पर पहले विभागीय स्तर पर बातचीत की गई थी. उनकी मांगों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी दी गई थी. इसके साथ ही उन्हें अपने कार्यस्थल और अंचल कार्यालय में लौटकर योगदान देने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद हड़ताल जारी रहने के कारण यह कदम उठाया गया है.

वेतन, भत्ता और पदोन्नति समेत 10 मांगें

अमीन संघ की प्रमुख मांगों में वेतनमान बढ़ाकर पे लेवल-6 करने, स्थानांतरण नीति लागू करने, यात्रा और वाहन भत्ता देने, खाली पदों पर भर्ती करने तथा पदनाम बदलने की मांग शामिल है. इसके अलावा पदोन्नति, कार्यस्थल पर सुरक्षा, लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा देने की भी मांग की जा रही है.

अमीन संघ का कहना है कि फील्ड में काम के दौरान उन्हें अपने वाहन से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन यात्रा या वाहन भत्ता नहीं मिलता. कई बार मापी के दौरान विवाद और मारपीट की स्थिति भी बनती है. संघ के सदस्यों का यह भी कहना है कि लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा नहीं होने से रिपोर्ट भेजने में देरी होती है.

सरकार ने स्थानांतरण की मांग स्वीकार करने की बात कही थी, लेकिन संघ का कहना है कि अभी तक इस पर केवल आश्वासन मिला है. अन्य मांगों पर भी ठोस फैसला नहीं हुआ है. इसी वजह से हड़ताल जारी है. अब विभाग की कार्रवाई के बाद अमीनों के आंदोलन पर सबकी नजर है.

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