बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत बिहार के प्राइवेट स्कूलों में अब दिव्यांग बच्चों का नि:शुल्क एडमिशन हो सकेगा. बिहार की नीतीश कुमार सरकार की ओर से बुधवार, 25 मार्च को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है.

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दिव्यांग बच्चों के दाखिलों को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में फैसला लिया गया कि अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत निजी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन के लिए विशेष पहल की जाएगी.

प्राथमिक शिक्षा निदेशक के नेतृत्व में समिति

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अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेंदर ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया. यह समिति राज्य के निजी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर सुझाव देगी.

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा

इसके साथ ही, उन्होंने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधियों के साथ इस विषय पर शीघ्र बैठक करने का निर्देश दिया. इससे पहले समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की.

समाज कल्याण विभाग देगा सहयोग

उन्होंने नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में उल्लिखित प्रावधानों के आलोक में निजी विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के दाखिले और अध्ययन को लेकर विभिन्न सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से यथासंभव सहयोग दिया जाएगा.