बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर चले गए थे. लगभग एक महीने से वो बिहार से बाहर हैं, लेकिन अब परिवार के साथ विदेश से छुट्टी मनाकर दिल्ली आ गए हैं. उम्मीद है जल्द पटना आएंगे. सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी के आते ही आरजेडी में 'सर्जरी' हो सकती है यानी संगठन में व्यापक फेरबदल हो सकता है. ऐसे में सवाल है कि किसकी-किसकी छुट्टी होगी?

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हटाए जा सकते हैं मंगनी लाल मंडल

नए युवाओं के साथ अनुभवी नेताओं को मौका दिया जाएगा. पार्टी में निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाया जा सकता है. प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को हटाया जा सकता है. पिछले साल ही उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था. वे करीब 75 वर्ष के हैं. अति पिछड़ी जाति से आते हैं जिसकी बिहार में आबादी सबसे अधिक 36 फीसदी है, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए उनको रिप्लेस किया जा सकता है.

20 से यात्रा पर निकल सकते हैं तेजस्वी

दूसरी ओर तेजस्वी यादव 20 जनवरी के बाद बिहार में यात्रा पर निकल सकते हैं. इसी क्रम में राबड़ी आवास पर एक नया विशेष बस को पहुंचना है जिससे वह बिहार में यात्रा करेंगे. विस्तृत कार्यक्रम और रूट चार्ट जल्द सार्वजनिक किया जाएगा. यात्रा के दौरान जनता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे. पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. संगठन की मजबूती पर चर्चा होगी. इस यात्रा के जरिए जनता के बीच यह मुद्दा भी उठाएंगे कि चुनाव में जनादेश के साथ कथित तौर पर किस तरह छेड़छाड़ की गई है.

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माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव के आने के बाद भितरघातियों पर ऐक्शन हो सकता है. बिहार चुनाव में हार के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के अलावा अब्दुल बारी सिद्दीकी, भोला यादव जैसे सीनियर नेताओं ने विधानसभावार समीक्षा की थी. आरजेडी ने भितरघात करने वाले करीब 350 नेताओं के नामों की सूची तैयार की है. ऐसे में इन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी है. उचित स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है. इस तरह की बात सामने आ रही है कि इन नेताओं ने पार्टी को चुनाव में नुकसान पहुंचाया है. 

नए साल में आरजेडी नए कलेवर में आगे बढ़ सकती है. पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार हुई है. तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन चुनाव लड़ा था. आरजेडी सिर्फ 25 सीटों पर ही सिमट गई जबकि एनडीए को 202 सीटें आईं.

आरजेडी के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार की जनता के दिलों में बसते हैं. एनडीए नेताओं के दिमाग में भी बसते हैं. भले हमारे कम विधायक जीते हैं लेकिन पूरे बिहार में सबसे ज्यादा वोट आरजेडी को ही मिला है. वोट चोरी करके एनडीए जीती है.

जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने तेजस्वी पर हमला करते हुए कहा कि उनको बिहार की जनता एवं बिहार की सियासत से कोई मतलब नहीं है. लंबे समय से गायब हैं. बिहार की जनता को तेजस्वी अपना परिवार नहीं मानते हैं इसलिए जनता को भी उनसे मतलब नहीं.

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