बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 3 दिन बाद 17 नवंबर, सोमवार को जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने से मुलाकात की. हालांकि उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है. राजभवन जाने से पहले नीतीश कुमार ने सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक की. बैठक में मंत्रीमंडल को भंग करने के प्रस्ताव पास हुआ. कैबिनेट बैठक संपन्न होने के बाद वह राजभवन पहुंचे.

जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने इस संदर्भ में पत्रकारों से कहा 'आज कैबिनेट की बैठक हुई. कैबिनेट ने 19 नवंबर से वर्तमान विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा की है. यह बात अभी मुख्यमंत्री के माध्यम से राज्यपाल को बता दी गई है.'

बिहार चुनाव में 14 नवंबर को आए परिणामों में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला था. वहीं राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाली महागठबंधन अपनी उम्मीद से बहुत बुरे नतीजों का सामना कर रही है.

बिहार का नया सीएम कौन?

उधर, अब सवाल उठ रहे हैं कि राज्य का नया सीएम कौन होगा? सूत्रों की मानें तो बीजेपी के ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद बिहार में अगले मुख्यमंत्री पद की शपथ नीतीश कुमार ही लेंगे. सूत्रों के मुताबिक 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार बतौर मुख्यमंत्री बिहार शपथ ले सकते हैं. उनके साथ-साथ 31 मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं.

शपथ ग्रहण का कार्यक्रम राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान में होगा और इस कार्यक्रम में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं. संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हों. 

तेजस्वी यादव राघोपुर से जीते नहीं जिताए गए? बिहार चुनाव पर कांग्रेस नेता का बड़ा दावा

केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने बिहार में नई सरकार के शपथ के सदंर्भ में दावा किया है कि सरकार में 35-36 मंत्री होंगे. इसमें से 15 -16 मंत्री बीजेपी के होंगे 13 -14 मंत्री जेडीयू से होंगे ,LJP (R) से 3 मंत्री और HAM पार्टी और उपेंद्र  कुशावाह की पार्टी - आरएलएम से एक-एक मंत्री बनेंगे. मांझी ने कहा कि मंत्री पद को लेकर हमारी पार्टी में कोई लालच नहीं है, जो मिलेगा हम उसमें खुश हैं.

नीतीश कुमार ने कब-कब संभाली सीएम पद की कमान

नीतीश ने पहली बार वर्ष 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद वर्ष 2005-10,वर्ष 2010-14 तक वह भारतीय जनता पार्टी के समर्थन के साथ सीएम रहे. हालांक लोकसभा चुनाव 2014 के बाद उन्होंने बतौर सीएम इस्तीफा दे दिया. तब जीतन राम मांझी सीएम बने थे. इसके बाद वर्ष 2015 में वह फिर से सीएम बने और इस बार उनको राष्ट्रीय जनता दल, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और कांग्रेस का साथ मिला. वर्ष 2015 चुनाव में वह बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया. इसके परिणाम स्वरूप राजद 71, और जदयू को 80 सीटें मिलीं थीं. इसी सरकार में तेजस्वी यादव पहली बार डिप्टी सीएम बने थे. 

इसके बाद वर्ष 2017 में जब तेजस्वी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे. नीतीश ने उनसे इस्तीफा देने को कहा हालांकि राजद ने इससे इनकार कर दिया. इसके बाद नीतीश ने तत्काल इस्तीफा दिया और कुछ घंटों में एनडीए के साथ मिलकर दोबारा बीजेपी के साथ आकर सरकार बना ली.

2020 चुनाव में वह फिर एनडीए के समर्थन से सीएम बने. हालांकि वर्ष 2022 में उन्होंने इस्तीफा दिया और राजद के साथ दोबारा सरकार बना ली. यह सरकार 2024 तक चली. वर्ष 2024 जनवरी में नीतीश ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. इसी दिन वह फिर से एनडीए के साथ आकर 9वें मुख्यमंत्री पद के तौर पर शपथ ली.

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार ही राज्य के 10वें सीएम के तौर पर शपथ लेंगे या कोई नया चेहरा राज्य की कमान संभालेगा.