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बिहार में सियासी सरगर्मी चरम पर है. एक तरफ जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर सांगठनिक फेरबदल की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने विपक्षी खेमे पर तीखे हमलों की झड़ी लगा दी है.

चुनाव परिणामों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिलहाल विदेश दौरे पर हैं. उनके शीतकालीन सत्र में मात्र एक दिन शामिल होने और फिर यूरोप जाने को लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा रही. हालांकि, अब खरमास के बाद राजद के संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.

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मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव लौटेंगे बिहार

माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की जगह किसी नए और ऊर्जावान चेहरे को कमान सौंपी जा सकती है. राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने स्पष्ट किया है कि मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव वापस बिहार की धरती पर होंगे और पूरे प्रदेश का सघन दौरा कर कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे.

मंत्री श्रवण कुमार का तीखा पलटवार

विपक्ष की इन तैयारियों पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने जोरदार तंज कसा है. उन्होंने कहा कि राजद चाहे जितने बदलाव कर ले, बिहार की जनता का भरोसा केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर है. श्रवण कुमार ने दावा किया कि जनता ने 2025 से 2030 तक के लिए नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार कर लिया है. उन्होंने तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि केवल चेहरे बदलने से कुछ नहीं होगा, उन्हें विपक्ष की 'सार्थक भूमिका' निभानी चाहिए.

कांग्रेस और चुनावी निष्पक्षता पर हमला

कांग्रेस द्वारा 10 जनवरी से प्रस्तावित आंदोलनों को मंत्री श्रवण कुमार ने 'तर्कहीन' करार दिया. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस कर्नाटक और झारखंड में जीतती है तो उन्हें वोट चोरी नहीं दिखती, लेकिन बिहार में हारते ही उन्हें मतदाता सूची और ईवीएम में कमियां नजर आने लगती हैं. उन्होंने कांग्रेस को अपने 'सोचने और समझने के तजुर्बे' की समीक्षा करने की सलाह दी.

बांग्लादेश के हालात पर चिंता

राजनीति से इतर मंत्री ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हो रहे हमलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताजनक बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे इस मामले में वैश्विक मंचों पर पहल करें ताकि वहां के हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.