पटना में ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. दरअसल पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली एक छात्रा की मौत पर बवाल मच गया है. छात्रा के साथ रेप हुआ है यह दावा परिजन कर रहे हैं, वहीं रेप के बाद हत्या का भी आरोप परिजन लगा रहे हैं. परिजनों के आरोप ने पटना के एक प्रतिष्ठित अस्पताल और पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए है.

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दरअसल न्यू ईयर की छुट्टी मनाकर 5 जनवरी की शाम पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में आयी छात्रा अचानक से हॉस्टल के कमरे में 6 जनवरी को अचेत पाई गई. परिजन और पुलिस के मुताबिक छात्रा को एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. छात्रा की हालत बिगड़ता देख परिजन उसे 9 जनवरी को मेदांता अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए लेकर गए, लेकिन इलाज के क्रम में 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई. डॉक्टर के कथन अनुसार छात्रा स्लीपिंग पिल्स (नींद की टैबलेट) की आदी थी और उसकी मौत की वजह स्लीपिंग पिल्स ही है.

छात्रा के कमरे से मिली स्लीपिंग पिल्स

पुलिस ने डॉक्टर के बयान के आधार पर दावा किया कि छात्रा के साथ रेप जैसी कोई वारदात नहीं हुई है. पुलिस ने यह भी दावा किया कि 9 जनवरी को परिजन द्वारा FIR करने के बाद हॉस्टल के कमरे की तलाशी ली गई. जिसमें छात्रा के कमरे से स्लीपिंग पिल्स मिले हैं. इतना ही नहीं पुलिस ने यह भी दावा किया है कि छात्रा के मोबाइल में छानबीन के दौरान पाया गया कि वह आत्महत्या और स्लीपिंग पिल्स के बारे में सर्च करती रहती थी.

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परिजनों ने हॉस्टल संचालकों पर लगाया रेप का आरोप

पुलिस द्वारा बताया गया कि FSL की टीम ने हर पहलू पर जांच की है, हॉस्टल संचालकों के बयान भी दर्ज किए गए है. पुलिस के बयान के बाद जब मृतका का पोस्टमार्टम परिजनों ने कराया तो उसके बाद पटना में हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया. छात्रा के परिजनों ने रेप और हत्या का सीधा आरोप हॉस्टल संचालकों पर लगाया है. इतना ही नहीं, हॉस्टल संचालक और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पर भी साक्ष्य मिटाने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप परिजनों ने लगाया है. परिजनों का यह आक्रोश अस्पताल हॉस्टल और प्रशासन के रवैया पर नजर आया है. दरअसल परिजन पटना के पीएमसीएच अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग से निकलकर सीधे गांधी मैदान पहुंच गए.

सड़क पर शव रख प्रशासन के खिलाफ परिजनों ने की नारेबाजी

पीएमसीएच से अर्थी पर छात्रा के शव को लेकर उनके परिजन मार्च करते हुए गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पहुंच गए. परिजनों ने सड़क पर छात्रा का शव रखकर सूबे की नीतीश सरकार और पटना पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान पटना की सड़क भी घंटों जाम रही. छात्रा के परिजनों ने कहा कि जिस डॉक्टर ने हमारी बच्ची का पोस्टमार्टम किया उसने हमें बताया कि आपके बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है. सरकारी डॉक्टर के कथन पर ही हम न्याय के लिए यह मार्च निकाले हैं और सड़क पर बैठे हैं. छात्रा के शव के साथ सड़क पर घंटों बैठकर परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई.

बच्ची के शरीर पर कई जगह मिले चोट के निशान- परिजन

छात्रा के पिता ने कहा कि उनकी बच्ची के साथ रेप हुआ है और अस्पताल और हॉस्टल के साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है. छात्रा के मामा का कहना है कि उनकी बच्ची के शरीर पर कई जगह चोट के निशान है.

जानकारी के अनुसार, एक तरफ प्रशासन प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर के बयान को कोट करते हुए इस मामले को रेप और हत्या से अलग बता रही है तो वहीं दूसरी तरफ पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के मौखिक कथन अनुसार परिजन इस पूरे मामले को रेप और हत्या बता रहे हैं.

पीड़ित परिवार को एसपी ने जांच का दिया आश्वासन

जमकर हुए इस बवाल के बीच पटना पुलिस की तरफ से बातचीत के लिए सदर एसपी अभिनव कुमार आए. अभिनव कुमार ने मामले की गंभीरता देखते हुए गीता के परिजनों को सभी पहलुओं पर जांच और उचित न्याय का आश्वासन दिया. अभिनव कुमार ने पूरे प्रकरण पर अपने पुराने बातों को दोहराया और आगे के करवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच करने की बात कही.

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