पटना के गर्दनीबाग स्थित कन्या मध्य विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ने वाली एक छात्रा की जलने से मौत हो गई थी. इस मामले में अब बड़ा एक्शन लिया गया है. शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को पटना जिलाधिकारी की ओर से विज्ञप्ति जारी करते हुए जानकारी दी गई कि स्कूल की प्रिंसिपल प्रेमलता कुमारी सस्पेंड कर दिया गया है.
बताया गया कि पटना के डीएम ने इस घटना को गंभीरता से लिया था. जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने कहा कि यह घटना काफी दुखद है. यह एक आपराधिक लापरवाही है. इस घटना की जांच पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर की जा रही है. डीएम ने कहा कि विद्यालय परिसर के अंदर ऐसी घटना का होना प्रधानाध्यापक की लापरवाही. नियंत्रण का अभाव एवं असंवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है.
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कन्या मध्य विद्यालय, अमलाटोला, गर्दनीबाग की प्रधानाध्यापक प्रेमलता कुमारी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में निहित प्रावधान के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है. जिला शिक्षा पदाधिकारी को निलंबित प्रधानाध्यापक के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए आरोप पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया है.
'बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही'
निलंबित प्रधानाध्यापक प्रेमलता कुमारी का निलंबन अवधि में मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (फुलवारी शरीफ) के कार्यालय में निर्धारित किया गया है. जिलाधिकारी ने कहा कि आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि बुधवार (27 अगस्त, 2025) को छात्रा ने खुद को आग के हवाले कर दिया था. स्कूल के बाथरूम में उसने आग लगाई थी. इलाज के लिए उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया लेकिन उसी दिन शाम में उसकी मौत हो गई. इस घटना से आक्रोशित परिजनों और लोगों ने अगले दिन गुरुवार (28 अगस्त, 2025) को आगजनी की. हंगामा किया. परिजन और स्थानीय लोगों का कहना था कि बच्ची ने खुद को आग नहीं लगाई है बल्कि स्कूल के मास्टरों ने जला दिया है.