बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास के पास से शुक्रवार (22 मई, 2026) की सुबह शराब की खाली बोतलें मिलीं. पांच देश रत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर विदेशी शराब की बोतलें मिलीं तो हड़कंप मच गया. इस पर सियासत भी शुरू हो गई. जांच के लिए मौके पर पुलिस पहुंची. पुलिसकर्मियों ने बताया कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि इसे कौन यहां पर रखा है. इस बीच आरजेडी प्रमुख लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाया है.

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रोहिणी आचार्य ने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा है, "कहीं ऐसा तो नहीं कि अवैध शराब के कारोबारियों की पहुंच मुख्यमंत्री आवास तक है?"

बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाया. कहा, "मुख्यमंत्री जी... ये कैसी शराबबंदी है जिसमें शराब की बोतल कभी उच्च सुरक्षा वाले विधानसभा परिसर में मिलती है, मंत्रियों-उच्चाधिकारियों के बैठने वाले सरकारी कार्यालयों के गलियारे में मिलती है और सबसे सुरक्षित कही जाने वाली जगह आपके आधिकारिक आवास के समीप भी मिलती है?"

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'आपके आवास के पास कौन पी रहा शराब?'

मुख्यमंत्री से रोहिणी आचार्य ने कहा कि आपके आवास के समीप तक शराब की बोतल कैसे पहुंची? आवास के समीप बैठकर कौन शराब पी रहा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि अवैध शराब के कारोबारियों की पहुंच मुख्यमंत्री आवास तक है? 

'शराबबंदी कानून महज फाइलों तक सीमित'

उन्होंने आगे कहा, "आपके आवास के समीप शराब की बोतल पाए जाने से ही स्पष्ट है कि बिहार में शराबबंदी का कानून महज फाइलों और बयानबाजी तक ही सीमित है और बिहार का कोई भी कोना ऐसा नहीं है, जहां शराब सुलभता से उपलब्ध नहीं है." 

शराबबंदी कानून को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में अब ये आम धारणा कायम हो चुकी है कि अवैध शराब के कारोबारियों का रसूख, उनकी पहुंच, सरकार-शासन-प्रशासन से ज्यादा है. शराब का अवैध कारोबार सत्ता-शासन-प्रशासन के संरक्षण में अपने परवान पर है. शराबबंदी के कानून को सफल बताने के तमाम दावे महज शगूफाबाजी हैं.

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