बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार (16 जनवरी, 2026) से समृद्धि यात्रा पर निकले हैं. इस क्रम में यात्रा के पहले दिन बेतिया के रमना मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए एक बड़ी बात कह दी. उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए नीति लगाई जाएगी.

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सीएम नीतीश कुमार के इस ऐलान से आम लोगों को राहत मिलेगी. समय पर चिकित्सक अस्पताल में मिल सकेंगे. बता दें कि ग्रामीण इलाकों में खास कर यह शिकायत मिलती रहती है कि जो डॉक्टर होते हैं वो प्राइवेट प्रैक्टिस ज्यादा करते हैं. अस्पताल में कम रहते हैं. कई बार ऐसी खबरें आती रही हैं कि अस्पतालों में चिकित्सक तो होते हैं लेकिन समय पर नहीं मिलते हैं. ऐसे में नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान कर बता दिया है कि सरकार नीति लाने की तैयारी में जुट गई है.

दूसरी ओर इस यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री ने किसान मेला सह कृषि यंत्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया. पश्चिम चंपारण जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा की. डीएम ने जिले में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा से संबंधित जिन योजनाओं की स्वीकृति दी गई है, उनका क्रियान्वयन तेजी से करें.

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समृद्धि यात्रा के तहत रमना मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रिमोट का बटन दबाकर मुख्यमंत्री ने 153 करोड़ रुपये की 125 योजनाओं का शिलान्यास एवं 29 करोड़ रुपये की 36 योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया.

सप्ताह के दो कार्य दिवस पर मिलेंगे पदाधिकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हम लोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है. अब राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में आमलोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्यस्थल / कार्यालय कक्ष में मिलेंगे. 

सीएम ने कहा कि निर्धारित दोनों दिवसों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित निराकरण करेंगे. सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी. प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा और शिकायतों के सतत अनुश्रवण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी ढंग से लागू करें.

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