बिहार के मधुबनी में प्रदेश कांग्रेस के राजेश राम और शकील अहमद खान जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे जहां कांग्रेस के दो गुटों में आपस में ही भिड़ंत हो गई और बात मारपीट तक पहुंच गई.
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता सह उपमहापौर मधुबनी नगर निगम अमानुल्लाह खान ने कहा कि आपस में कोई मतभेद नहीं है, हां कुछ शिकायतें थी. लेकिन किसी भी हालत में मारपीट या आपस में झगड़ना सही नहीं है.
इस वजह से हुई मारपीट
जानकारी के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर हुए उपजे असंतोष के कारण मारपीट की घटना हुई. दोनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के सामने हुई इस घटना ने कांग्रेस पार्टी के अंदर की कलह को उजागर कर दिया है.
हालांकि घटना को लेकर कांग्रेस नेता सह उपमहापौर मधुबनी नगर निगम अमानुल्लाह खान ने कहा कि आपस में कोई मतभेद नहीं है, हां कुछ शिकायतें थी. जिन लोगों के बीच उस तरह की घटना हुई वो कोई बाहरी लोग नहीं हैं, हमारे ही लोग हैं. उनको समझने बुझाने का प्रयास किया गया है, इसपर हम और ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते हैं.
'कोई बात है तो नेतृत्व को बताएं'
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे अन्दर अगर कुछ कमी है या कोई बात है तो हम शीर्ष नेतृत्व को उसको बारे में बताएं, उसके लिए झंझट या मारपीट करना अच्छी बात नहीं है. इससे सामाजिक समरसता भंग होती है और पार्टी की बदनामी होती है.
'टिकट की खरीद फरोख्त की बात बेमानी'
अमानुल्लाह खान ने आगे कहा कि जहां तक टिकट खरीद फरोख्त की बात है वो बेमानी है, किसी को भी जो टिकट मिला वो पूरे स्क्रीनिंग और सीडब्लूसी फाइनल निर्णय के बाद ही मिला है. इसमें अगर किसी को तकलीफ है तो अपनी बात सामने रखने के बदले मेहमान के सामने इस तरह से लड़ाई करके उन्हें अपमानित करना सही नहीं है.
'पार्टी शिष्टाचार और नियम से चलें'
उन्होंने कहा, "अगर आप पार्टी में हैं तो पार्टी के शिष्टाचार और नियम कानून पर चलिए. उनका आना मनरेगा की मुद्दे पर है जो किसी भी हाल में सफलतापूर्वक चलने वाली नहीं है क्योंकि राज्य सरकारों के पास इसे चलाने लायक पर्याप्त पैसा ही नहीं हैं. अगर इस मुद्दे से इतर किसी को अपनी कोई बात कहनी है तो वो पटना जाकर अपनी बात रखे."