समस्तीपुर में तीन सगे भाइयों की डूबने से मौत के बाद हड़कंप मचा है. बीते मंगलवार (07 अप्रैल, 2026) को एक साथ तीनों की चिता जली. मामला शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत परसा पंचायत के बोरज गांव का है. सोमवार (06 अप्रैल, 2026) को यह घटना हुई थी. 

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पिता के सामने ही करेह नदी के बरियाही घाट पर स्नान के दौरान उनके ये तीनों बेटे डूब गए थे. मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही तीनों मासूम का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया. एक साथ तीन तीन बेटों के जाने से परिवार टूट गया.

सोमवार की दोपहर नहाने गए थे सभी

बताया जाता है कि बोरज गांव के वार्ड नंबर 7 निवासी सुदर्शन कुमार झा के तीनों पुत्र आदित्य कुमार, हर्षित कुमार और कार्तिक कुमार सोमवार की दोपहर करीब एक बजे करेह नदी में नहाने गए थे. घटना के वक्त पिता भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन देखते ही देखते तीनों बच्चे गहरे पानी में समा गए. 

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घटना के बाद स्थानीय लोगों, मछुआरों और शिवाजीनगर पुलिस की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया. करीब पांच घंटे के बाद एक एक कर तीनों बच्चों के शव को नदी से बाहर निकाला जा सका. इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया. रात करीब दो बजे शव गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो उठा.

दिल्ली में ही रहकर पढ़ते थे तीनों बेटे

बीते मंगलवार को गांव में शोक की लहर और गहरी हो गई और हालात ऐसे रहे कि गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला. मां आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था. ग्रामीणों के अनुसार सुदर्शन कुमार झा बेहद गरीब परिवार से हैं. दिल्ली में सुरक्षा गार्ड का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनके तीनों बेटे वहीं रहकर पढ़ाई करते थे. रामनवमी के अवसर पर पूरा परिवार गांव आया हुआ था. 

बच्चों के दादा विदेश्वर झा ने कहा कि तीन पोतों का जाना उनके जीवन की सबसे बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि तीनों बच्चे बेहद शांत और होनहार थे, जिनसे परिवार को काफी उम्मीदें थीं. मंगलवार को गांव के ही करेह नदी के किनारे तीनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ तीन चिताएं सजाई गईं. यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं.