बिहार में नई सरकार गठन के बाद फरवरी महीने की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'सात निश्चय-3' (उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य) के तहत राज्य के प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया. उसके लिए अब प्रक्रिया तेज हो गई है. 

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पहले सभी डीएम को स्थल में निरीक्षण के लिए आदेश दिया गया तो अब कॉलेज में प्राचार्य, शिक्षक और कर्मियों की भर्ती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए बिहार के 209 नए डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य, शिक्षक और कर्मियों सहित 9196 पदों पर बहाली होगी. 

इनमें प्राचार्य के 209, सहायक प्राध्यापकों के 6479 और लिपिक सहित गैर शैक्षणिक कर्मियों के 2508 पद शामिल हैं. शिक्षकों और कर्मियों की स्थायी नियुक्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा है.

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कैबिनेट के पास भेजा जाएगा प्रस्ताव 

वित्त विभाग पद सृजन के इस प्रस्ताव पर प्रशासी पदवर्ग समिति का अनुमोदन लेगा. विधि विभाग से भी परामर्श लिया जाएगा. इसके बाद इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. कैबिनेट से मंजूरी के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 

शिक्षकों और प्राचार्य का चयन बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से होगा. जबकि, लिपिक और तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति राज्य कर्मचारी चयन आयोग और राज्य तकनीकी सेवा आयोग के जरिये होगी.

राज्य में शिक्षा स्तर बेहतर होगा- सरकार

सरकार का मानना है कि इन नए कॉलेजों के खुलने से राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर बेहतर होगा. अभी बिहार में उच्च शिक्षा का नामांकन प्रतिशत करीब 17% है, जो राष्ट्रीय औसत 29.5% से काफी कम है. नए कॉलेज खुलने से यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है. 

सरकार की योजना है कि साल 2026-30 सत्र से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाए. शुरुआत में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई शुरू की जाएगी. आगे चलकर अन्य विषय भी जोड़े जाएंगे.

दो-दो सहायक प्रोफेसर के पद सृजित 

प्रत्येक प्रखंड स्तरीय इन डिग्री कॉलेजों में वडज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के 15 विषयों में दो-दो सहायक प्रोफेसर के पद सृजित किए गए हैं .एक-एक प्राचार्य की बहाली की जाएगी. हर कॉलेज में एक व्यावसायिक विषय के शिक्षक होंगे. इसके साथ ही हर कॉलेज में 12-12 गैर शैक्षणिक कर्मियों की भी नियुक्ति होगी. इनमें लिपिक, प्रयोगशाला सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित चतुर्थ वर्गीय कर्मी शामिल हैं.