बिहार के नवादा जिले में शुक्रवार (5 दिसंबर) देर शाम एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को सनसनी से भर दिया. नगर थाना क्षेत्र के गोनावां मजार के पास अपराधियों ने 26 वर्षीय प्रशांत कुमार उर्फ विपुल सिंह की निर्मम तरीके से हत्या कर दी.

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जानकारी के अनुसार, घटना इतनी भयावह थी कि लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और दुकानदार अपनी दुकानें खुली छोड़कर जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए.

पटना में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था प्रशांत

प्रशांत पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, अपने दोस्त की शादी और अपना जन्मदिन मनाने के लिए शुक्रवार को ही नवादा आया था. रविवार को पटना लौटने की उसकी योजना थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी अचानक आए और फिल्मी अंदाज में उसे पकड़कर मजार के पास ले गए. वहां पहले उसे लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा गया और फिर कनपटी पर चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया.

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पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर की छापेमारी

मृतक के दोस्त रोशन कुमार ने घटना का वर्णन करते हुए कहा कि हम लोग जन्मदिन मना रहे थे. शादी में सब खुश थे तभी कुछ बदमाश आए और विपुल को जबरदस्ती घसीटकर ले गए. कुछ ही देर बाद हमें पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है. यह बयान सुनकर माहौल और भी गमगीन हो गया.

घटना की सूचना मिलते ही एसपी, डीएसपी हुलास कुमार और नगर थानेदार अविनाश कुमार मौके पर पहुंचे. पुलिस ने रातभर आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन आरोपी अभी भी फरार हैं. बताया जा रहा है कि इस वारदात के मुख्य आरोपी हाल ही में जेल से छूटे हैं और उनके गिरोह ने इलाके में फिर से दहशत फैलानी शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों के अनुसार, 25-30 वर्ष उम्र के ये अपराधी इलाके पर पूरी तरह हावी हैं और कोई भी इनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करता.

परिवार में एक इकलौता था प्रशांत

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. प्रशांत परिवार का इकलौता बड़ा बेटा था. उसके पिता जयपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि मां सदमे की हालत में हैं. घर में मातम पसरा हुआ है और हर कोई बस यही सवाल कर रहा है कि आखिर कब तक निर्दोष लोगों की जानें यूं ही जाती रहेंगी.

डीएसपी हुलास कुमार ने घटनास्थल पर बताया कि युवक की हत्या चाकू मारकर की गई है. हत्या के कारणों की जांच जारी है और पुलिस निरंतर छापेमारी कर रही है. लेकिन अपराधियों का बेखौफ घूमना और पुलिस के हाथ खाली रहना, लोगों के लिए सबसे बड़ा डर बन गया है. यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

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