बिहार में पिछले आठ दिनों से चल रही नगर निकाय सफाई कर्मियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है. नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और सफाई कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला किया गया. सरकार की ओर से कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई गई, जबकि कुछ लंबित मांगों पर नियमों के तहत सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया गया है.

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सफाई कर्मियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की. बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. चर्चा के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर विस्तार से बातचीत हुई.

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बैठक के बाद मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सफाई कर्मियों की कई मांगें स्वीकार कर ली गई हैं. वहीं कुछ ऐसी मांगें हैं, जिन पर प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है.

वेतन बदलाव समेत तीन प्रमुख मांगों पर सरकार की मुहर

हड़ताल खत्म होने की सबसे बड़ी वजह सफाई कर्मियों की तीन अहम मांगों पर सरकार की सहमति रही. नगर निगम की ओर से दैनिक, संविदा और आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले सफाई कर्मियों के वेतन में समायोजन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है.

इसके अलावा सफाई कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर भी सरकार से दिशा-निर्देश और आवश्यक मार्गदर्शन मांगा जाएगा. वहीं आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते में भेजने का प्रस्ताव भी रखा गया है. एजेंसियों को केवल तय कमीशन देने की व्यवस्था की जाएगी.

चालकों और कर्मचारियों को भी राहत देने का आश्वासन

बैठक में सफाई वाहनों के चालकों की समस्या पर भी चर्चा हुई. निर्णय लिया गया कि तकनीकी खराबी के कारण यदि वाहन संचालन प्रभावित होता है तो चालक के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी. इसके अलावा कर्मचारियों को मिलने वाले एसीपी और एमएसीपी लाभ पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए भी सरकार को पत्र भेजा जाएगा. लंबे समय तक पदोन्नति नहीं मिलने वाले कर्मचारियों को यह लाभ दिया जाता है.

हड़ताल खत्म, अब शहरों की सफाई व्यवस्था होगी बहाल

हड़ताल के कारण बिहार के कई नगर निकायों में कूड़े का अंबार लग गया था. मंत्री नीतीश मिश्रा ने उम्मीद जताई कि अब सफाई कर्मियों के काम पर लौटने से जल्द ही शहरों की सफाई व्यवस्था सामान्य हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना है, ताकि सफाई व्यवस्था बेहतर तरीके से संचालित हो सके. उन्होंने पटना में जलजमाव को लेकर भी कहा कि बारिश के बाद कुछ समय के लिए पानी जमा होता है, लेकिन बेहतर निकासी व्यवस्था के कारण जल्द स्थिति सामान्य हो जाती है.

कर्मचारी संघ ने कहा- मांगें मानी गईं, इसलिए वापस ली हड़ताल

पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार के फैसले से कर्मचारियों में संतोष है. उन्होंने बताया कि नगर निकाय में काम करने वाले सफाई कर्मियों और आउटसोर्स कर्मियों के समेकित वेतनमान में बदलाव किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को भविष्य में स्थायी कर्मचारियों की तरह छुट्टी, ग्रेच्युटी और बोनस जैसी सुविधाएं मिलने की दिशा में भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है. इसी कारण संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है. आठ दिनों तक चली इस हड़ताल के खत्म होने के बाद अब बिहार के नगर निकायों में सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है.

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