बिहार पुलिस ने अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में मोतिहारी में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी (647) को निलंबित कर दिया है. पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनके विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 का उल्लंघन करने का आरोप है. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

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सिपाही आशीष कुमार तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद की गरिमा के विपरीत आचरण किया और सोशल मीडिया पर बिहार पुलिस एवं बिहार सरकार के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे विभाग की छवि खराब हुई. बिलौटी (भोजपुर) प्रकरण से जुड़े इस मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र, मोतिहारी द्वारा कराई गई. जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद सिपाही को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया. इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

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पुराना विवादास्पद रिकॉर्ड

आशीष कुमार तिवारी का विभागीय रिकॉर्ड पहले से ही विवादों से भरा रहा है. वर्ष 2023 में हरपुर थाना क्षेत्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने कथित रूप से पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और चाकू से हमला कर गृहरक्षक सुरेश राम को घायल कर दिया था. इस मामले में उन्हें एक कालांक की सजा के साथ छह माह की वेतन वृद्धि रोकी गई थी. वर्ष 2024 में पिपराकोठी थाना में तैनाती के दौरान उन पर सरकारी पिस्टल से चौकीदार पंकज कुमार और एक पुलिस पदाधिकारी पर फायरिंग का प्रयास करने का आरोप लगा. इस मामले में पिपराकोठी थाना कांड संख्या 173/24 दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है. विभागीय स्तर पर उनकी दो वर्षों की वेतन वृद्धि भी रोक दी गई थी.

विभाग की सख्ती

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा पद की गरिमा के विपरीत आचरण और सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे आपत्तिजनक बयान देने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस मामले में सख्त कार्रवाई के संदेश के रूप में आशीष तिवारी का निलंबन किया गया है. विभागीय जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

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