आज (सोमवार) से बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है. पहले दिन विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा. मीडिया से आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि नीट में जिस तरह की धांधली हुई, जानें गईं, तो पूरा देश आंदोलित है. नीट में मेधावी छात्रों की हत्या की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार बहरी हो जाए तो उसका ऑपरेशन करना पड़ता है. 

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सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, जबरन उनको उठाकर ले जाया गया. इस पर आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि हम लोगों ने बहुत सरकार को देखा है, लेकिन इन लोगों ने सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला. मानसून सत्र में शामिल होने पहुंचे आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह से भी नीट मामले पर प्रतिक्रिया ली गई. मीडिया से सुनील सिंह ने नीट मामले में छात्रों की आत्महत्या को लेकर कहा कि अंतिम समय में उन्हें मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि बिहार में जितना भ्रष्टाचार है, किसानों का दोहन है, इन सभी मामलों को लेकर आज हम लोग पैदल मार्च कर रहे हैं.

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निशांत का स्वागत... विपक्ष का प्रदर्शन

उधर दूसरी ओर सदन के बाहर पोर्टिको में एक और अलग तस्वीर दिखी. एक तरफ बिहार विधान परिषद में मंत्री निशांत कुमार का आज स्वागत हुआ, उन्हें गुलदस्ता दिया गया, तो दूसरी ओर उसी समय उनके बगल में विपक्ष के नेता खड़े होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते नजर आए. उनके हाथों में पोस्टर था जिस पर लिखा था, "शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, पेपर लीक से छात्रों की आत्महत्या की जवाबदेही तय करो."

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