बिहार में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है. बिहार की 5 सीटों के लिए चुनाव हुए, जिसका कल शुक्रवार 10 अप्रैल को नए सदस्यों का शपथ ग्रहण होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कल राज्यसभा सदस्य के लिए शपथ ग्रहण करेंगे, उसके लिए आज दिल्ली जा रहे हैं. राज्यसभा के बाद अब विधान परिषद् चुनाव के लिए भी बिहार में घमासान शुरू हो गया है. आगामी जून महीने में बिहार में 9 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, तो दो उपचुनाव भी होंगे. ऐसे में अब एमएलसी के टिकट लेने वालों के लिए पार्टी कार्यालय और नेताओं के दरवाजों पर भीड़ उमड़ने लगी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी और JDU के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के आवास पर आज काफी संख्या में लोग जुटे. कई लोग विजय चौधरी के आवास पर आए दिन टिकट के लिए पहुंच रहे हैं. यह स्थिति सिर्फ JDU में नहीं, BJP में भी है. एमएलसी चुनाव को लेकर अब टिकट पाने वालों की भीड़ पार्टी कार्यालयों और बड़े नेताओं के आवास पर उमड़ने लगी है.
NDA बहुमत के हिसाब से मजबूत!
बता दें कि जून 2026 में बिहार विधान परिषद् की 9 सीटें खाली हो रही हैं. जबकि दो सीटें इस्तीफे से खाली हुई हैं, उन पर उपचुनाव होंगे. इनमें मंगल पांडेय और नीतीश कुमार का इस्तीफा हो चुका है. विधान परिषद् की कुल 11 सीटों पर चुनाव होगा.
जून 2026 में खाली होने वाली सीटों की बात करें तो NDA बहुमत के हिसाब से मजबूत है. जून 2026 में एमएलसी की 9 सीटें खाली होंगी. इनमें RJD से मोहम्मद फारुक और सुनील कुमार सिंह, JDU से गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमुद वर्मा, BJP से संजय मयूख और कांग्रेस से समीर कुमार सिंह का कार्यकाल पूरा हो जाएगा. सम्राट चौधरी और JDU के भगवान सिंह कुशवाहा, जो एमएलसी थे, उनका कार्यकाल भी जून में ही खत्म हो रहा था, लेकिन वह विधायक बन चुके हैं. तो दो सीटें उनकी हैं. इसके अलावा दो एमएलसी पदों का उपचुनाव होगा-एक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई है और दूसरा मंगल पांडेय के इस्तीफे से खाली हुई है, यानी कुल 11 सीटों को लेकर चुनाव होंगे.
BJP, RJD, JDU के खाते में कितनी सीटें आएंगी?
ऐसा माना जा रहा है कि मंगल पांडेय की छोड़ी सीट पर मंत्री दीपक प्रकाश को लाया जाएगा. मंगल पांडेय का कार्यकाल 2030 तक था. JDU के हिस्से तीन सीटें आएंगी और चौथी सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की है, जो खाली हो गई है. इस पर उपचुनाव होगा.
इसी तरह BJP को भी तीन सीटें मिलेंगी और एक मंगल पांडेय के इस्तीफे से खाली होने वाली सीट है, यानी कुल चार सीटें. एक RJD, एक RLMP और एक LJP (रामविलास) को मिल सकती है. कुल 11 सीटों में 10 पर NDA का और एक पर महागठबंधन जीत सकती है. एक सदस्य के लिए 25 विधायक चाहिए. अब विपक्ष के पास कुल 41 विधायक हैं. एक एमएलसी को चुनने के बाद विपक्ष के पास 16 विधायक बच जाएंगे.