बिहार में होने वाले एमएलसी चुनाव के लिए सोमवार (08 जून, 2026) को नामांकन तिथि के आखिरी दिन महागठबंधन के प्रत्याशी का नाम सामने आया. आरजेडी की ओर से सुनील सिंह नामाकंन दाखिल करने के लिए पहुंचे.
वह पहले से आरजेडी से ही एमएलसी थे और अब फिर से पार्टी ने उन्हें मौका दिया है. सुनील सिंह जब नामांकन के लिए पहुंचे तो उन्होंने मीडिया के सवालों पर कहा कि दूसरी बार मौका मिला है और जीत स्वभाविक है.
लालू परिवार के करीबी हैं सुनील सिंह
बता दें सुनील सिंह लालू परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं. राबड़ी देवी के मुंह बोले भाई के रूप में सभी लोग उन्हें जानते हैं. कहा जाए तो लालू और सुनील सिंह के परिवार में काफी घनिष्ठता है. पहली बार 2020 में लालू प्रसाद यादव ने उन्हें एमएलसी बनने का मौका दिया था. उस समय काफी चर्चा हुई थी कि राबड़ी देवी ने अपने मुंह बोले भाई को एमएलसी बनाया है.
यह भी पढ़ें- इंडिया गठबंधन की बैठक पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, 'DMK जैसी पार्टियां अब…'
सुनील सिंह पर क्यों जताया गया भरोसा?
बिहार एमएलसी चुनाव में महागठबंधन एक सीट ही जीत सकता है. आरजेडी से शिवचंद्र राम और सुनील सिंह दोनों रेस में थे, लेकिन पार्टी की ओर से सुनील सिंह पर भरोसा जताने की वजह है. सुनील सिंह सदन में अपनी बात को काफी मजबूती से रखते हैं. लालू परिवार के खिलाफ कोई कुछ बोलता है तो तुरंत वह खड़े हो जाते हैं. कई बार विवादों में रहे हैं. मंत्री अशोक चौधरी से भी उनकी सदन में तीखी नोकझोंक हो चुकी है. वह सत्ता पक्ष पर हमेशा हमलावर रहते हैं. बोल्ड तरीके से मुद्दे को सदन उठाते रहे हैं.
सदन में तीखे बयानों के चलते उनकी सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी. उन पर नीतीश कुमार की मिमिक्री के मामले में ऐक्शन लिया गया था. सदस्यता खत्म होने के बाद सुनील सिंह न्यायालय की शरण में गए थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनकी सदस्यता बहाल की गई थी.
यह भी पढ़ें- बिहार MLC चुनाव: आज नामांकन की आखिरी तारीख, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का क्या होगा?
