बिहार में आठ सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर हलचल तेच है. सबसे अधिक चर्चा पटना स्नातक सीट की है. जेडीयू के वरिष्ठ नेता और इस सीट से मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार ने खुद के उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर ताजा बयान दिया है कि अभी पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी घोषित नहीं किया है.
मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह के समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज के सवाल पर नीरज कुमार ने कहा, "अगर कोई निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ता है तो पार्टी उम्मीदवार की तरह संगठनात्मक व्यवस्था उसके साथ नहीं होती. अगर मैं निर्दलीय हो जाऊंगा तो मुझे भी पोलिंग एजेंट नहीं मिलेगा. क्योंकि ये दलगत आधार पर होने वाला चुनाव है."
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2020 की जीत और वोटरों को लेकर दावा
नीरज कुमार ने अपनी पिछली विधानसभा चुनाव जीत का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 में उन्होंने बड़े अंतर से चुनाव जीता था. उन्होंने कहा कि उस समय बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिला. यह भी कहा कि पार्टी के समर्थक किसी लालच के कारण नहीं, बल्कि विचार और विश्वास के आधार पर मतदान करते हैं.
'निषाद मॉडल या तेजस्वी मॉडल' का जिक्र
नीरज कुमार ने बिहार की राजनीति में दो राजनीतिक मॉडलों का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के सामने यह तय करने का सवाल है कि वे 'निषाद मॉडल' चाहते हैं या 'तेजस्वी मॉडल'. उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल का हवाला देते हुए सामाजिक समावेश और राज्य में सौहार्दपूर्ण माहौल की बात भी कही.
बता दें कि पटना स्नातक सीट पर जेडीयू की ओर से नीरज कुमार के नाम पर चर्चा है, जबकि अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिला है. अब देखने वाली बात होगी कि आगे चुनाव में क्या कुछ होता है.
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