बिहार: ससुराल के बाहर धरने पर बैठी बहू, पति भी रोने लगा, कैमूर में गजब हुआ!
कैमूर के मोहनिया शहर के वार्ड नंबर 13 की यह पूरी घटन है. महिला ससुराल में रहना चाहती है जब पति इसके लिए तैयार नहीं है. तलाक को लेकर कोर्ट में मामला दायर है.

बिहार के कैमूर में एक महिला ससुराल के बाहर धरना पर बैठ गई. पूरा मामला मोहनिया शहर के वार्ड नंबर 13 का है. बीते रविवार (06 सितंबर, 2026) को धरना पर बैठी तो मामले ने तूल पकड़ लिया. मीडिया तक बात पहुंच गई. पत्नी ससुराल में रहने की जिद कर रही थी तो वहीं पति या अन्य घर वाले इसके लिए राजी नहीं थे.
क्या है पूरा मामला?
महिला निधि सिंह के पिता भभुआ निवासी मनोज सिंह ने बताया कि उन्होंने 7 मार्च 2025 को अपनी बेटी की शादी मोहनिया के अकोढ़ी निवासी नथुनी सिंह के पुत्र आलोक कुमार सिंह से की थी. आलोक सिंह सिरहिरा स्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं. पिता का आरोप है कि उन्होंने शादी में 40 लाख खर्च किए थे. शादी के बाद अब ससुराल वालों ने उनकी बेटी से संपर्क तोड़ लिया है और नहीं रख रहे हैं.
रविवार को वह अपने परिजनों के साथ खुद ससुराल पहुंच गई. ससुराल पक्ष ने मेन गेट को बंद कर दिया. इसके बाद निधि घर के बाहर धरना पर बैठ गई.
पति ने रो-रोकर बताई पूरी बात
इस पूरे मामले में पति ने भी अपना पक्ष मीडिया के सामने कैमरे पर रखा. उसने कहा कि दो महीने पहले थाने पर बुलाया गया था. उस समय भी पुलिस की ओर से हम दोनों (पति-पत्नी) को समझाया गया था. उस समय लड़की ने रास्ते में धमकी दी कि इस बार अगर घर ले चलोगे तो तुमको मार देंगे. तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे. वो रात को इंस्टाग्राम-वॉट्सएप पर चैट करती थी. मना करने पर नहीं सुनती थी. हमने कहा कि कहीं बात करनी है तो हमारे फोन से कीजिए.
पति ने कहा कि उसकी पत्नी चाकू लेकर रूम में सोने लगी कि वो उसे मार देगी या खुद को मारकर उसे (पति) फंसा देगी. पति आलोक ने कहा कि ये सारी बातें उसने पत्नी के पिता (ससुर) को बताई. पत्नी को जब अपने फोन से बात करने से रोका गया तो उसके पिता ने अगले दिन ही बेटी को दूसरा फोन भिजवा दिया.
यह भी पढ़ें- 'बाढ़ हर साल आती है, नई चीज नहीं', बिहार के हालात पर ललन सिंह
आलोक ने कहा कि पति-पत्नी के विवाद में पंचायत हो चुकी है. पंचायत में उन पर यह आरोप लगा कि उनका किसी और के साथ संबंध है. उस समय खुद लड़की बोली कि वह साथ नहीं रहेगी और 40 लाख रुपये की डिमांड की गई. इस पर हम लोगों ने कह दिया कि नहीं दे सकते हैं. फिर वे लोग 20 लाख पर आ गए. हमने कहा कि गहना लौटा दिया जाएगा तो दे देंगे. इसके बाद 10 दिन के अंदर हमने लिस्ट भेजी, लेकिन गहना नहीं लौटाया गया.
आलोक के अनुसार, वो जब स्कूल आते-जाते थे तो रास्ते में उन्हें परेशान किया जाने लगा. इसके बाद मजबूर होकर अब उन्होंने कोर्ट में किया तो उनकी पत्नी रविवार को घर पहुंच गई और रहने की जिद करने लगी.
इस मामले में मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि महिला ससुराल में रहना चाहती है, लेकिन पति नहीं रखना चाहता है. मामला कोर्ट में तलाक का दायर है. थाने में आवेदन दिया गया है, लेकिन मामला कोर्ट में चल रहा है.
यह भी पढ़ें- 'स्वतंत्र भारद्वाज को गुंडा बना दिया', भड़के चाचा ने कहा- 'उस लड़की…'




















